बदायूं के उझानी में आढ़ती हरीओम गुप्ता ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। उन्हें मंडी गेट पर मंगलवार को पांच लाख रुपये पड़े मिले। यह रुपये व्यापारी पीयूष के थे, जो उनके बैग से गिर गए थे। इसका पता चलने पर हरिओम ने पीयूष को रुपये लौटा दिए।
बदायूं के उझानी में बैंक से 25 लाख रुपये निकालकर आढ़त पर जा रहे व्यापारी के बैग पांच लाख रुपयों का पैकेट गिर गया। इसका आभास व्यापारी को नहीं हुआ। यह रुपये मंडी गेट पर दूसरे आढ़ती हरीओम गुप्ता को पड़े मिले तो उन्होंने व्यापारी की आढ़त पर जाकर लौटा दिए।
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ईमानदारी की मिसाल पेश करने वाले हरीओम गुप्ता का भी मंडी समिति परिसर में गल्ला प्रतिष्ठान है। उन्हें मंगलवार को मंडी गेट पर पांच लाख रुपयों का पैकेट पड़ा मिला। वह उसे उठाकर मंडी में पहुंच गए। जब उन्हें यह पता लगा कि पांच लाख रुपये व्यापारी रोहताश गुप्ता के बेटे पीयूष के हैं तो उन्होंने उनकी आढ़त पर जाकर रुपयों के बारे में बताया।
बैग से गिर गया था रुपयों का पैकेट
व्यापारी पीयूष ने हरीओम को बताया कि उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक से पूर्वाह्न में 25 लाख रुपये निकाले थे। बैंक से उन्हें पांच-पांच लाख रुपये के पांच पैकेट मिले थे, जिन्हें पीयूष ने बैग में रख लिए। पीयूष जब अपनी आढ़त पर पहुंचे तो उनमें से पैकेट बैग उतारते समय गिरा, तभी बैग से एक पैकेट गिर गया। उन्होंने खोजबीन की। पुलिस को भी सूचना दी।
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इसी दौरान आढ़ती हरीओम वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने मंडी गेट पर पैकेट पड़ा देखा तो उठा लिया। इसके बाद वह पीयूष की आढ़त पर गए और रुपये लौटा दिए। रुपये वापस मिल जाने के बाद पीयूष ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के लोगों ने भी राहत महसूस की। इसे लेकर आढ़ती हरीओम की नेक नीयत की व्यापारियों ने तारीफ की।