बिजली सप्लाई बंद होने के बाद सुनील और अपेक्षा को गांव वालों ने उठाया। सुनील की मौके पर मौत हो गई थी। अपेक्षा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दातागंज लाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए बदायूं रेफर कर दिया गया। इस घटना से पूरा गांव सहम गया गया है।
छह माह पूर्व भी टूटी थी जर्जर लाइन, झुलसा था एक युवक
दातागंज के खानपुर दया गांव के निकट से गुजर रही हाईटेंशन लाइन बेहद जर्जर स्थिति में हैं। लाइन के तार ढीले काफी नीचे तक लटके हुए हैं। गांव के छत्रपाल सिंह ने बताया कि अक्सर मामूली हवा में टकराकर टूट जाते हैं। गांव वालों ने बताया कि छह माह पूर्व भी इस लाइन से तार टूट कर गिरे थे। इनसे विनोद का पुत्र दीपांशु झुलस गया था। इससे पूर्व टूटे हुए तारों में उलझकर दो सांडों और एक दर्जन कुत्तों की मौत हो चुकी है।
गांव वाले विद्युत निगम को कई बार लिखित और मौखिक शिकायत कर चुके हैं। बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हई। इसी का नतीजा है कि आज किसान सुनील की मौत हो गई और उनकी भतीजी अपेक्षा मौत और जीवन के बीच संघर्ष कर रही है। विद्युत निगम के खिलाफ पूरे गांव में आक्रोश है।
ग्रामीणों ने काटा हंगामा, शर्तों के बाद ही उठने दिया किसान का शव
हाई टेंशन लाइन के टूटकर गिरने से हुए हादसे के बाद ग्रामीण बेहद आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने दोषी विद्युत अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों को सुनील के शव को उठाने नहीं दिया। काफी देर तक ग्रामीणों ने हंगामा काटा।
बाद में तहसीलदार विजय कुमार शुक्ला के काफी समझाने और आठ दिनों में मुआवजा राशि दिलवाए जाने की शर्त पर शव को उठने दिया । गांव वालों ने तहसीलदार से यह भी आश्वासन ले लिया कि दोषी विद्युत कर्मियों के खिलाफ करवाई की जाए। इसके बाद ही शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाने दिया गया।