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Budaun News: कछला घाट पर गंगा में डूबने से आगरा के युवक की मौत, दूसरे को गोताखोरों ने बचाया

Mon, 01 Jul 2024 05:20 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं के कछला घाट पर गंगा में डूबने से आगरा के युवक की मौत हो गई। उसके साथी को गोताखोरों ने बचा लिया। दोनों रिश्तेदारों के साथ अस्थि विसर्जन करने आए थे। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं के उझानी में कछला गंगाघाट पर रिश्तेदारों के साथ अस्थियां विसर्जन के बाद गंगा में स्नान करते आगरा जिले के दो युवक डूब गए। गोताखोरों ने एक युवक को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दूसरा युवक डूब गया। आधे घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे भी खोज निकाला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाते समय उसकी रास्ते में ही मौत हो गई।

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हादसा सोमवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे हुआ। आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र के गांव रामनगर निवासी ब्रजमोहन अपने पिता खुशहाल सिंह की अस्थियां विसर्जन को सुबह गंगाघाट पर आए। उनके साथ रिश्तेदार और परिवार के लोग भी थे। ब्रजमोहन के मुताबिक उनके गांव के कई लोग गंगा स्नान कर बाहर निकल आए, लेकिन गांव के ही अजय (18) पुत्र सतीश और सनी (25) पुत्र भगवान सिंह फिर से नहाने चले गए। डुबकी लगाते समय डूबे अजय को गोताखोरों ने बाहर निकाल लिया। सनी कहीं नजर नहीं आया तो गोताखोरों ने खोजबीन शुरू कर दी।

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कररीब आधे घंटे बाद गोताखोर सनी को खोजकर बाहर निकाल लाए। ब्रजमोहन समेत रिश्तेदार निजी वाहन से सनी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले आए। चिकित्साधिकारी आकांक्षा माहेश्वरी ने सनी को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि सनी की डूबने की बाद ही मौत हो गई थी। ब्रजमोहन ने बताया कि सनी अपने चार भाई- बहनों में सबसे छोटा था। उसके कुनबे के लोग भी साथ आए हैं, लेकिन माता- पिता गांव में हैं। फोन कर उन्हें हादसे के बारे में अवगत करा दिया गया है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।

गंगा में पुल के पास बना डेथ प्वाइंट
कछला घाट पर दो महीने के दौरान जिस दिन भी हादसे हुए, उनमें अधिकतर सड़क मार्ग के पुल के पास का स्थान रहा। बताते हैं कि गंगा में पिलर के पास गहराई अधिक है। आसपास संकेतक भी नहीं लगे हैं। जबकि ज्यादातर स्नानार्थी उसी तरफ डुबकी लगाने के लिए बढ़ जाते हैं। एसडीएम सदर एसपी वर्मा ने डेढ़ महीने पहले दावा भी किया था कि गहराई वाले स्थानों पर जाल की बैरिकेडिंग करा दी जाएगी, लेकिन अमल अभी तक नहीं किया गया है।
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हादसे के बाद परिजनों ने समेटा रसोई का सामान
खुशहाल सिंह की अस्थियां विसर्जन के लिए ब्रजमोहन के साथ करीब 50 लोग कछला पहुंचे थे। वह निजी वाहन में रसोई का सामान भी साथ लाए थे। ताकि अस्थि विसर्जन करने के बाद सभी लोग भोजन भी कर लें। इसके लिए उन्होंने घाट के पास ही आश्रम में अपना सिलिंडर लगाकर सब्जी बनानी शुरू कर दी थी। उन्हें जैसे ही गंगा में डूबने से सनी की मौत के बारे में पता लगा तो रिश्तेदारों ने सामान समेट लिया। किसी को भी खाना नसीब नहीं हो पाया।
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