फर्रुखाबाद के राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में कई नवजात की मौत के बाद वहां के डीएम, सीएमओ और सीएमएस को हटा दिया गया। बदायूं में भी बुखार से लगातार हो रही मौतों से हाहाकार मचा हुुआ है। पिछले करीब एक महीने में बुखार से 75 लोगों की मौत हो चुकी हैं। इनमें दो लोगों की मौत स्वाइन फ्लू से बरेली में इलाज के दौरान हुई। बाकी 73 मरीजों की मौत अपने घर या किसी निजी चिकित्सक के यहां इलाज के दौरान हुई। केवल सरकारी आंकड़ों की बात करें तो जिले में अब तक 41 लोगों की बुखार से मौत हुई है। इनमें 15 लोगों की मौत जिला अस्पताल में हुई थी। बाकी लोगों की मौत झोलाछाप या निजी चिकित्सकों के यहां इलाज के दौरान हुई। इनमें अधिकतर लोगों की मौत मलेरिया से हुई हैं। इनके अलावा शहर से लेकर गांवों तक सैकड़ों की संख्या में लोग बीमार हैं।
करीब एक महीने पहले मूसाझाग क्षेत्र के गांव ललबुझिया में एक ही परिवार के चार लोगों की बुखार से मौत हुई थी। इनके अलावा कुंवरगांव क्षेत्र के गांव पनौटा में दुर्गपाल, जवाहर, त्रिवेणी, गांव बौरा में मोहन, नरेश, रमेश चंद्र, बिनावर में विनोद, रहपुरा में रामपाल कश्यप, तंजपुरा में राजवीर आदि बुखार का निवाला बन चुके हैं। सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा के साथ ही भ्रमण करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि गांवों में गंदगी और बरसात के पानी से बीमारियों पनप रही हैं।