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Budaun News: पति की दीर्घायु के लिए की वट वृक्ष की पूजा

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वट सावित्री पूजा के मौके पर बरगद के पेड़ की पूजा करती सुहागिन।। संवाद - फोटो : वट वृक्ष की परिक्रमा लगा पूजा-अर्चना करतीं महिलाएं। संवाद
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बदायूं। वट सावित्री अमावस्या पर्व जिले भर में सुहागिन महिलाओं ने वट की परिक्रमा कर मनाया। वट सावित्री की कथा के बाद सुहागिनों ने अपने पति की दीर्घायु और परिवार के कल्याण की कामना की। इस मौके पर घर-घर पकवान भी बने।
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धार्मिक परंपरा के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या को मनाए जाने वाले इस पर्व की महिलाओं ने सुबह से ही तैयारी शुरू कर दी। घर-आंगन की सफाई के बाद स्नान कर सोलह श्रृंगार के साथ सुहागिन महिलाएं आसपास के वट वृक्ष के समीप पहुंची। वहां दीपक जलाकर और रोली-चावल फूल आदि से वट की पूजा की। परंपरा के अनुसार वट वृक्ष पर लाल रंग का कपड़ा लपेटा और सूत के धागे के साथ परिक्रमा की। वट वृक्ष के समीप महिलाओं का जमघट लगा रहा। सभी महिलाएं श्रृंगार में यहां पहुंची। पूजन और परिक्रमा के साथ वट सावित्री की कथा सुनी। बताते हैं कि पौराणिक कथाओं में सत्यवान और सावित्री की कथा काफी प्रचलित है। सावित्री ने अपनी बुद्धिमानी से अपने पति सत्यवान को यमराज के चंगुल से छुड़ा लिया था।
वट वृक्ष की कथा सुनने और पूजा करने के बाद पति के दर्शन किए और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। पतियों ने उन्हें सदा सहचरी बने रहने का वचन दिया। इस मौके पर हर परिवार के लोगों ने पकवानों का आनंद लिया।
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कलश में वट की टहनी लगाकर की पूजा
शहरों में जहां आसपास वट वृक्ष नहीं हैं, वहां महिलाओं ने वट वृक्ष की टहनी मंगाकर कलश में सजाकर रखी और उसे ही वट वृक्ष मानकर विधि-विधान से पूजा की और धार्मिक परंपराओं को निर्वाह किया।
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