बदायूं। बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण चल रहा है। इस वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। विभाग ने इस वर्ष कुल 18 नए आंगनबाड़ी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक केवल 10 केंद्र ही बनकर तैयार हो पाए हैं। शेष आठ केंद्र विभिन्न कारणों से अधूरे पड़े हैं और उनके निर्माण में देरी से बच्चों और महिलाओं को मिलने वाली सेवाओं पर असर पड़ रहा है।
जिले में अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र सरकारी स्कूलों में एक कमरे में संचालित हो रहे हैं। इसकी वजह से बच्चों को बैठने और खेलने में परेशानी होती है। इसको ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र खुद के बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद में जिले की ओर से 18 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई। इसके बाद वहां पर निर्माण कार्य शुरू हो सका।
अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य में देरी का मुख्य कारण निर्माण सामग्री की कमी, मौसम की बाधाएं और समय पर निधि जारी न होना है। डीपीओ प्रमोद कुमार का कहना है कि अधूरे केंद्रों के निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी और जल्द ही सभी केंद्रों को पूरा कर बच्चों और महिलाओं को निर्धारित सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी। वहीं उन्होंने ठेकेदार को जल्द से जल्द निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं।