बदायूं। फार्मासिस्टों का कार्य बहिष्कार चौथे दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार को सुबह आठ से दस बजे तक दो घंटे न तो पर्चा बन सका न ही मरीजों को दवा मिल सकी। बृहस्पतिवार को हाफ डे होने की वजह से 11 बजे कर्मचारी अस्पताल बंद कर चले गए। एक घंटे में कुछ ही मरीजों को दवा मिल सकी तथा जांच हो सकीं। अधिकतर मरीजों को न तो दवा मिली और न ही जांच ही हो सकी। बिना दवा लिए ही मरीज घर लौट गए।
जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट शाकिर अली 15 अक्तूबर को अचानक लापता हो गए थे। उनका 29 दिन बाद भी सुराग नहीं लग सका। परिजन अनहोनी की आशंका जता रहे हैं तो साथी फार्मासिस्ट विरोध प्रदर्शन करते आ रहे हैं।
बृहस्पतिवार को सुबह आठ से दस बजे तक जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक के कर्मचारियों ने चौथे दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रखा। इससे अस्पतालों में पहुंचे मरीजों को भटकना पड़ा। फार्मासिस्ट प्रदीप चतुर्वेदी ने बताया कि 17 नवंबर तक सुबह को दो घंटे कार्य बहिष्कार रहेगा। जिले की सभी सीएचसी ,पीएचसी व जिला अस्पताल के कर्मचारी शामिल रहेंगे। इसके बाद भी फार्मासिस्ट का सुराग नहीं लगता है तो कर्मचारी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
मरीजों का दर्द
दो घंटे तक लाइन में लगकर कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार झेला। उसके बाद पर्चा बना, डाॅक्टर कक्ष के बाहर लाइन में लगे। 11 बजे डॉक्टर कमरा बंद कर चले गए।
-भोजराज, बुटला उझानी
सुबह 10:30 बजे तक पर्चा बन सका। डॉक्टर ने 11.00 बजे देखा और खून की जांच कराने के लिए पर्चा थमा दिया। 11:20 बजे खिड़की बंद थी। बताया गया कि अस्पताल दोपहर तक का ही है। न दवा मिली न ही जांच हो सकी।
-शांति देवी,चकोलर कुंरगांव
ककोड़ा मेले की वजह से बृहस्पतिवार को हाफ डे था। अस्पताल दिन में 11 बजे तक ही खुला। कुछ लोग जांच कराने से रह गए। कर्मचारी दो घंटे कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। इस वजह से दिक्कत आ रही है।
-डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
जिला अस्पताल में कार्य बहिष्कार कर विरोध जताते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
जिला अस्पताल में कार्य बहिष्कार कर विरोध जताते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
जिला अस्पताल में कार्य बहिष्कार कर विरोध जताते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद