बदायूं। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें संपत्ति का अधिकार दिलाने की दिशा में शासन की पहल का असर साफ दिखाई देने लगा है। जिले में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री में महिलाओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। बीते तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल रजिस्ट्रियों में आधे से अधिक संपत्तियां महिलाओं के नाम दर्ज हुई हैं।
शासन की ओर से महिलाओं को संपत्ति खरीदने पर स्टांप शुल्क में एक फीसदी की विशेष छूट दी जा रही है। इसी का लाभ उठाने के लिए परिवार जमीन, मकान और प्लॉट की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम करा रहे हैं। उपनिबंधक कार्यालयों में भी महिलाओं की उपस्थिति पहले की तुलना में बढ़ी है। उपनिबंधक कार्यालय के अनुसार, वर्ष 2022 में जिले में कुल 42,165 रजिस्ट्रियां हुई थीं। इनमें से 22,588 रजिस्ट्रियां महिलाओं के पक्ष में दर्ज की गईं, जो कुल का 53.57 प्रतिशत रहीं।
वर्ष 2023 में कुल 39,340 रजिस्ट्रियां हुईं। इनमें 21,814 संपत्तियां महिलाओं के नाम रजिस्टर्ड हुईं, जो कुल का 55.45 प्रतिशत रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में अधिक था। वर्ष 2024 में कुल रजिस्ट्रियों की संख्या घटकर 34,902 रह गई, लेकिन महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने का रुझान बरकरार रहा। इस वर्ष 19,158 रजिस्ट्रियां महिलाओं के पक्ष में हुईं, जो कुल का 54.89 प्रतिशत है।
अधिकारियों का कहना है कि स्टांप शुल्क में मिलने वाली छूट के कारण लोगों का रुझान महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने की ओर बढ़ा है। इससे महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा भी मिल रही है। (संवाद)
स्टांप शुल्क से राजस्व में महिलाओं की हिस्सेदारी
साल कुल स्टांप शुल्क महिलाओं से प्राप्त राजस्व
वर्ष 2022 1658126950 888258607
वर्ष 2023 1392999180 772418045
वर्ष 2024 1365756331 749663650
अगस्त 2025 के बाद छूट योजना का असर
माह महिलाओं से प्राप्त राजस्व
अगस्त-दिसम्बर 2025 - 716650694
जनवरी 2026- 79619850
फरवरी 2026- 71001460
मार्च 2026- 75987150
कुल छूट 943259154
शासन की ओर से महिलाओं की रजिस्ट्री पर छूट दी गई है। उसके बाद से महिलाओं का रुझान रजिस्ट्री की ओर बढ़ा है। परिवार वाले भी स्टांप शुल्क बचाने के लिए महिलाओं के नाम रजिस्ट्री करवा रहे हैं। -सीपी मौर्य, आईजी स्टांप