महिला परिचालक नित्या कुमारी। स्रोत- विभाग
बदायूं। परिवहन निगम की रोडवेज बसों में इस समय 28 महिला परिचालक ड्यूटी कर रहीं हैं। दो महीने की पड़ताल मेंं सामने आया है कि लोड फैक्टरमें महिला परिचालक पुरुष परिचालकों को पछाड़ती आ रहीं हैं। पुरुष परिचालकों की अपेक्षा इनकी बसों में राजस्व ज्यादा आ रहा है। इसमें महिला परिचालक नित्या ने रिकॉर्ड बनाया है। जिस दिन से ड्यूटी ज्वाइन की है उसी दिन से सौ प्रतिशत लोड फैक्टर ला रहीं हैं।
तमाम बाधाओं को दरकिनार करके महिलाओं व युवतियों ने परिवहन निगम में परिचालक की नौकरी को चुना था। जिले में इनकी संख्या 28 है। समाज के मिथक तोड़कर इन महिलाओं ने आत्मनिर्भरता का रास्ता अपनाकर आधी आबादी को एक नया संदेश दिया है। अब अपने कामकाज से साबित कर दिया है कि वह पूरी मेहनत व ईमानदारी से ड्यूटी कर रहीं हैं।
सितंबर में महिला परिचालकों ने 80 प्रतिशत लोड फैक्टर दिया, जबकि पुरुष परिचालक 60 प्रतिशत ही लोड फैक्टर देने में कामयाब हो सके। यही हाल अक्तूबर का भी रहा है। इसमें महिला परिचालक नित्या ने रिकॉर्ड बनाया है। जिस दिन से ड्यूटी ज्वाइन की है उसी दिन से सौ प्रतिशत लोड फैक्टर ला रहीं हैं।
एआरएम राजेश पाठक ने बताया महिला परिचालकों को अनुबंधित बसाें पर लगाया गया है। क्योंकि उनको दिन में ही डयूटी पर रखा जाता है। रात में महिला परिचालकों को डयूटी पर नहीं लगाया जाता है। महिला चालक लोकल रूटों पर डयूटी कर रहीं हैं। लोकल रूट की बस फुल ही चलतीं हैं। जबकि लंबे रूट की बसें खाली भी रह जाती हैं। यही वजह है कि महिला परिचालकों को रोड फैक्टर 80 प्रतिशत तक पहुंच रहा है और पुरूष परिचालकों का 60 से 65 प्रतिशत ही हो पा रहा है।
महिला परिचालक नित्या कुमारी। स्रोत- विभाग