मोदी सरकार का आम बजट किसानों, गरीबों, ग्रामीण विकास, युवा विकास आदि तमाम लोगों के लिए तो हितकारी रहा, लेकिन सरकारी कर्मचारियों और गृहणियों को यह बजट रास नहीं आया। इस बजट से गरीबों को राहत मिलने की उम्मीद नजर आ रही है, वहीं अमीरों को अपने शौक पूरे करने के लिए अधिक व्यय करना होगा। सर्विस टैक्स में बढ़ोत्तरी होने से रसोई, बाहर खाना, पार्लर जाना, रेस्टोरेंट में खाना, होटलों में ठहरना आदि महंगा हो गया। इस संबंध में विभिन्न वर्गों के लोगों से बातचीत के प्रमुख अंश।
इनके लिए नागवार लगा बजट
सेवा और सौंदर्य प्रसाधन हुए महंगे
गिंदो देवी महाविद्यालय की प्रवक्ता डॉ. उमा सिंह गौर की माने तो शिक्षा के लिए तो बजट राहतकारी है, लेकिन सर्विस टैक्स बढने से सौंदर्य प्रसाधनों और सेवा संबंधी कार्यों की महंगाई का बोझ उठाना पड़ेगा।
बजट ने महिलाओं के लिए बढ़ाई दिक्कत
श्रीरामनगर कालोनी की गृहिणी ऊषा रस्तोगी का कहना है कि सौंदर्य प्रसाधन और होटल रेस्टोरेंट में जाना महंगा हो गया है। इससे महिलाओं को अपने शौक करने से परहेज करने को मजबूर होना पड़ेगा।
कर्मचारियों के लिए बजट में कुछ नहीं
दास डिग्री कॉलेज के बीएड विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शिवराज कुमार ने बताया कि कर्मचारियों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है। कहा कि टैक्स में छूट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।
बजट से खुश दिखे ये लोग
कादरचौक ब्लाक के गांव कटिन्ना बचनई के किसान पप्पू ने बताया कि वह सब्जी उगाते हैं। कहाकि बजट बेहतर होने से उन लोगों की फसल खेत से ही बिक जाएगी, जिससे काफी लाभ होगा।
कृषि, ग्रामीण विकास स्वास्थ्य पर रहा फोकस
चार्टेड एकाउंटेंट अश्विनी गोयल का कहना है कि आम बजट में कृषि, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य एवं कर सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकारी मशीनरी इसे पूरी तरह से लागू कर ले तो सफल बजट माना जाएगा।