बदायूं। घर में बर्तन साफ करने वाली महिला ने मालकिन के सिर में लोहे की रॉड से आठ से दस वार कर उन्हें मरणासन्न कर दिया। इस मामले में अपर सत्र फास्ट कोर्ट के न्यायाधीश विकास सिंह ने महिला को दोषी करार देते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बिसौली कस्बे के आसफपुर रोड निवासी राजीव कुमार गुप्ता ने 23 जून 2023 को बिसौली कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वजीरगंज थाना क्षेत्र के कस्बा बगरैन की रहने वाली काजल पत्नी जगपाल उसके घर में बर्तन धोने का काम कर रही थी। 23 जून को उसकी पत्नी बाथरूम गईं थी। जब वह बाहर निकलीं तो काजल ने जान से मारने की नीयत से पत्नी के सिर पर लोहे की रॉड से आठ से दस वार कर दिए।
चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर आ गए, जिन्हें देख वह मौके से भागने लगी। परिवार के लोगों ने उसे मौके से पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। विवेचना उपनिरीक्षक योगराज सिंह को सौंपी गई। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने काजल को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा व 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
बैंक प्रबंधक व तीन अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट
- सीजेएम कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइंस पुलिस ने दर्ज किया मामला
- प्रबंधक पर है 89 हजार रुपये की एफडीआर हड़पने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। धोखाधड़ी के मामले में एक्सिस बैंक सिविल लाइंस शाखा के प्रबंधक आशीष शुक्ला व तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज विवेचना शुरू की है। प्रबंधक पर 89 हजार रुपये की एफडीआर हड़पने का आरोप है।
सदर कोतवाली के मोहल्ला कटरा आलम शाह, पक्का बाग के रहने वाले सूरज पुत्र श्रीराम ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनका एक्सिस बैंक सिविल लाइंस शाखा में बचत खाता और एक सावधि जमा (एफडीआर) है।
आरोप है कि शाखा प्रबंधक आशीष शुक्ला ने यह कहकर उन्हें क्रेडिट कार्ड लेने के लिए बाध्य किया कि यदि कार्ड नहीं लिया तो खाता बंद कर दिया जाएगा। अंग्रेजी भाषा में लिखे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाकर बैंक कर्मियों ने दो क्रेडिट कार्ड जारी किए।
सूरज ने बताया कि दिसंबर 2024 के अंतिम सप्ताह में उनके खाते से 13,905 रुपये और दोनों क्रेडिट कार्ड से 39,045, 25,487 और 25,193 रुपये निकाल लिए गए। कुल मिलाकर लगभग 89,700 रुपये की रकम उनके खाते और कार्ड से निकाल ली गई। सूरज का कहना है कि जब वे 30 दिसंबर को जानकारी लेने बैंक पहुंचे तो शाखा प्रबंधक ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और अगले दिन आने को कहा।
कई बार बैंक जाने पर भी उन्हें टालमटोल किया गया। उन्होंने एसएसपी को दो बार प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की, मगर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली, जहां से शाखा प्रबंधक और तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी हुआ। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच विवेचना शुरू कर दी है।