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Budaun News: बंदरों के हमले में छत से गिरी महिला, बरेली में उपचार के दौरान मौत

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विलाप करते मृतका के परिजन।
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- सोमवार सुबह छत पर सूख रहे कपड़े उतारने गई थी महिला, तभी बंदरों के झुंड ने बोला हमला
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संवाद न्यूज एजेंसी
उसावां (बदायूं)। कस्बे के वार्ड नंबर सात में 45 वर्षीय कृष्णा देवी की बंदरों के हमले में जान चली गई। वह सोमवार सुबह मकान की छत पर कपड़े उतारने के लिए चढ़ीं थीं, तभी बंदरों के झुंड ने अचानक उन पर हमला कर दिया, जिससे वह छत के नीचे सड़क पर जा गिरीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिवार वाले उन्हें बरेली ले गए, जहां मंगलवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।
यह हादसा सोमवार सुबह करीब सात बजे हुआ। उस दौरान वार्ड नंबर सात निवासी कृष्णा देवी पत्नी पायेलाल अपने दो मंजिला मकान की छत पर सूख रहे कपड़े उतारने गईं थीं। परिवार वालों के मुताबिक उन्होंने शाम के समय कुछ कपड़े धोकर छत पर सूखने के लिए डाल दिए थे। सुबह सात बजे उन्होंने छत पर बंदरों को बैठा देखा। उन्हें लगा कि कहीं बंदर उनके कपड़े न ले जाएं। इससे वह डंडा लेकर बंदरों को भगाने की कोशिश करते हुए छत पर चढ़ गईं। उन्होंने छत पर जाकर बंदरों को भगाना चाहा लेकिन उससे पहले बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। वह बंदरों से बचने के लिए भागीं कि वह छत से घर के बाहर सड़क पर जा गिरीं। उससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह देखकर परिवार वाले घर के बाहर भागे। वह कृष्णा देवी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां से डॉक्टरों ने उनकी हालत चिंताजनक बताते हुए बरेली रेफर कर दिया।
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परिवार वालों ने उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार सुबह करीब सात बजे उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिवार वाले महिला का शव अपने घर ले आए। उन्होंने शाम के समय बिना पोस्टमार्टम के कृष्णा देवी का अंतिम संस्कार कर दिया। कृष्णा देवी के पांच बच्चे हैं। उनमें तीन बेटे और दो बेटियां हैं। एक बेटे की शादी नहीं हुई है। उनके पति पायेलाल सीआरपी में तैनात हैं। इस समय उनकी पोस्टिंग छत्तीसगढ़ में हैं। वह एक माह पहले ही यहां छुट्टी काटकर गए थे। परिवार वालों ने उन्हें सूचना दे दी है।
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बंदरों के हमले में दर्जनों लाेग गवां चुके हैं जान
इसी साल पांच मई को उसावां के निरंजन नगला में देशराज शाक्य की बंदरों के हमले में जान चली गई थी। इसके तीन दिन बाद सदमे में उनकी मां जावित्री देवी ने भी दम तोड़ दिया था। 12 जून को दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव अमरोली निवासी कालीचरण पर बंदरों ने हमला कर दिया था। वह पुलिस लाइन में फॉलोअर थे। उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। 23 जनवरी को उसहैत में बंदर के कूदने से उसहैत इलाके में छज्जा गिर गया था, जिससे दबकर 13 वर्षीय अर्जुन की मौत हो गई थी जबकि उसका चचेरा भाई विशाल घायल हो गया था। पिछले साल वजीरगंज में रिश्तेदारी में आए व्यक्ति पर बंदरों ने हमला कर दिया था, जिससे उसकी छत से गिरकर मौत हो गई थी। रिश्तेदार रामबहादुर बरेली के आंवला कोतवाली क्षेत्र के गांव भूरीपुर के रहने वाला था।

विलाप करते मृतका के परिजन।

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