ग्राम पथरामई निवासी शेर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को पत्नी अनीता खेत में मोहल्ले की अन्य महिलाओं के साथ घास काटने गई थी। वहीं दोपहर करीब 12 बजे उसे सांप ने डस लिया। आनन-फानन में पहले उसे घर लेकर आए। ग्रामीणों ने ग्राम खेड़ा जलालपुर में किसी सपेरे के बारे में बताया। इस पर परिजन महिला को लेकर वहां गए और देर शाम तक झाड़-फूंक से इलाज कराते रहे। इस बीच अनीता की हालत ज्यादा बिगड़ गई।
इसके बाद परिजन रात नौ बजे महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजन शव रात में ही अपने गांव ले आए। उसके बाद भी झाड़-फूक से इलाज कराया। सूचना मिलने पर शुक्रवार सुबह कटरा सादातगंज चौकी प्रभारी राघव गांव पहुंचे और परिजनों से शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए। दोपहर में शव की अंत्येष्टि कर दी गई।
11 बच्चों के सिर से उठा मां का साया
परिजनों के अनुसार अनीता के 11 बच्चे हैं। जिनमें 6 लड़के और 5 लड़कियां हैं। एक लड़का और एक लड़की की शादी हो चुकी है। पूरे गांव में यही चर्चा होती रही कि महिला की जान सर्पदंश से नहीं गई, बल्कि झाड़-फूंक में समय बर्बाद होने से जान चली गई। अगर सही समय पर महिला को इलाज मिल जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।