उझानी के निजी अस्पताल में महिला का गर्भपात कराया गया था। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे बरेली ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। बुधवार सुबह परिजन उसका शव लेकर थाने पहुंच गए और हंगामा कर दिया।
बदायूं के उझानी कस्बे के एक निजी अस्पताल में गर्भपात के बाद महिला की हालत बिगड़ गई। परिवार वाले हालत देखकर बरेली ले गए थे, जहां उसकी मौत हो गई। परिवार वालों का कहना है कि महिला को एक आशा बुलाकर लाई थी। निजी अस्पताल पंजीकृत भी नहीं है और न ही यहां कोई प्रशिक्षित डॉक्टर है। परिवार वालों ने निजी अस्पताल और आशा कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव कौल्हाई निवासी रिंकी (28) पत्नी भूरे दो माह की गर्भवती थी। उसे कोई दिक्कत हो गई थी। उसने अपने गांव की आशा कार्यकर्ता से संपर्क किया तो आशा उसे उझानी के बिना पंजीकृत निजी अस्पताल में ले आई।
परिजनों ने बताया कि अस्पताल में उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया और उसका गर्भपात करा दिया गया, जिससे रिंकी की हालत बिगड़ गई। परिवार वाले उसे रात बरेली ले गए थे, जहां उसकी मौत हो गई। परिवार वालों ने बुधवार सुबह शव को थाने लाकर हंगामा किया और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।