नगर में चल रहे एतिहासिक देवी मेले का औपचारिक समापन हो गया। चेयरमैन मोहम्मद उमर कुरैशी ने मेला समापन की घोषणा की। बाद में दुकानदारों के अनुरोध पर मेला दिन के लिए बढ़ा दिया गया।
चेयरमैन ने मेले की व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति के प्रतीक मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। इनकी हिफाजत करना सभी का दायित्व है। कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखने वाला प्रसिद्ध मेला नगर की शान है। मेले से ही नगर की पहचान है।
लोगों की मांग पर मेला गेट बड़ा और भव्य बनाने के साथ अगले वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम, कवि सम्मलेन, मुशायरा तथा कब्बाली कराने का भी वादा किया। चेयरमैन ने सभी सहयोगियों करने वालों के साथ विशिष्ठ दुकानदारों को पुरस्कृत भी किया। इस मौके पर मेला अध्यक्ष उमेशचंद्र वार्ष्णेय, लिपिक विनयलता सक्सेना, मेल इंचार्ज देशराज सिंह तोमर, मलखान सिंह, मुकेश ब्रज, किशोर रंगीला, जहांगीर आलम, शोएब खां, महेंद्र सहित कई लोग मौजूद रहे।