शीतलहर और कोहरे के कारण जिले के लोग परेशान हो उठे हैं। स्कूलों में भी बच्चे ठिठुरते रहे। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर लोग शीत के प्रकोप से कांपते मिले। हड्डियों तक को हिला देने ठंड ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। यही नहीं सुबह से शाम तक कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी ढीली पड़ गई। पारा बुधवार की अपेक्षा लुड़ककर चार-चार प्वाइंट नीचे आ गया। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 18.0 और न्यूनतम तापमान 7.0 सेल्सियस रहा। लोगों को भीषण ठंड से छुटकारा पाने को अलाव, हीटर और अंगीठी आदि का सहारा लेना पड़ रहा है। हालांकि कृषि वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार ने रबी की मुख्य फसल गेहूं के लिए मौसम अनुकूल और आलू के लिए नुकसानदेह बताया है।
स्कूली बच्चों ने लिया अलाव का सहारा
बिल्सी। आज दिन भर सूर्यदेव के लोगों को दर्शन नहीं हुए। स्कूलों में भी बच्चों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा कम रही। वहीं बाजार में भी सन्नाटा सा दिखाई दिया। सुबह से ही घने कोहरे की चादर ने क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। स्थिति यह दी कि नजदीक का व्यक्ति भी साफ से नजर नहीं आ रहा था। कई सरकारी स्कूलों में तो बच्चों ने सर्दी से बचने के लिए अलाव लगा रखा था।
जरा बचकर रहना विंटर अटैक से
बिल्सी। सावधान...विंटर अटैक अपना प्रभाव छोड़ने लगा है। यदि थोड़ी भी लापरवाही बरती तो परेशानी में पड़ जाएंगे। सबसे ज्यादा जरुरत है अपने बच्चों की सेहत का ध्यान रखने का। सरकारी अस्पतालों के आंकड़ों पर गैर करें तो सर्दी-जुकाम ज्यादा ही अपना प्रभाव दिखा रहा है। इस साल दिसंबर के दूसरे सप्ताह से सर्दी ने अपने तेवर दिखाने शुरु कर दिए हैं। विंटर अटैक का बैसे तो सभी लोगों पर असर पड़ता है किंतु सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को होती है।
नगर के निजी डॉक्टरों के साथ ही स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सर्दी से प्रभावित मरीजों की संख्या अधिक देखी जा रही है। सीएचसी के आंकड़े बता रहे हैं कि कुछ दिनों से सर्दी, जुकाम, विंटर फीवर से ग्रस्त मरीजों की संख्या सैंकड़ों में पहुंच रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्गों को भी इस मौसम में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। चूंकि इस मौसम में ब्लड सर्कुलेशन कम होता है। जिसकी वजह से बुजुर्गों को और भी ज्यादा दिक्कत होती है।
बचाव-
-बच्चे और बुजुर्ग पूरे गर्म कपड़े पहनें
-ठंडी-मीठी चीजों का सेवन न करें
-खुले वाहनों में यात्रा से बचें
-नाक-कान ढके रखें
सर्दी का मौसम है। सर्दी-जुकाम, बुखार के मरीज अस्पताल अधिक आ रहे हैं। इन बीमारियों से निपटने के पूरे इंतजाम हैं। पर्याप्त मात्रा में सभी दवाएं मौजूद हैं। लोगों को चाहिए वह सर्दी से बचकर रहें। किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतें।
- डॅा.कृष्ण कुमार, सीएचसी प्रभारी
-कड़ाके की सर्दी ने असर दिखाना शुरु कर दिया है। जिसकी वजह से सर्दी, जुकाम, बुखार आदि बीमारियों लोगों को अपनी चपेट में ले रहीं हैं। उनके यहां भी इन बीमारियों से प्रभावित मरीज अधिक आ रहे हैं।
-डॉ.उमेंद्र कुमार गुप्ता