जंगली सूअरों के आतंक से दस हजार किसान परेशान
उझानी विकासखंड के करीब 12 गांवों में जंगली सुअरों के आतंक से दस हजार से अधिक किसान परेशान हैं। जंगली सूअरों ने फसल व बागवानी को खासा नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसान मायूस हैं। उन्होंने इनके आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
क्षेत्र के गांव अब्दुल्लागंज, सिरसौली, अल्लापुर भोगी, मिर्जापुर,दूदेनगर, जमरोली, बिहार हरिश्चंद, वसंतनगर वहीं गंगा किनारे के गांव ननाखेड़ा, पिपरौल पुख्ता, चंदनपुर, नरसैना के अलवा सहसवान कदरौक के भी कई गांव चपेट में हैं। इन गावों में वर्षों से जंगली सुअरों ने फसल व बागवानी को खासा नुकसान पहुंचाया है। इन गांवों में खेतों में आलू गेहूं की फसल लहलहा रही है। किसानों को उम्मीद थी उत्पादन अच्छा होगा और उन्हें अपनी मेहनत का फल मिलेगा। लेकिन उनकी इस मेहनत पर सुअरों ने पानी फेर दिया है।
सिरसौली के किसान मानसिंह ने बताया कि इस समय आलू व गेहूं की फसल को जंगली सुअर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। फसल इनती मेहनत से उगाही है कि 20 से 25 क्विंटल बीघा उत्पादन होता लेकिन जंगली सूअरों ने पूरी मेहनत बेकार कर दी है। ऐसे में उन्हें खासा नुकसान झेलना पड़ेगा। कहा पूरे क्षेत्र में जंगली सूअरों का आतंक है, जिससे निजात दिलाने के सरकार व प्रशासन को गंभीरता से प्रयास करने होंगे। नहीं तो किसानों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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- फोटो : वीडियो ग्रैब
किसानों को रखवाली करते समय हमले का रहता है डर
किसानों ने बताया कि फसल की रखवाली करते समय जंगली सूअर व सियार के हमले का डर बना रहता है। अगर फसल की रखवाली नहीं की जाए तो फसल चार दिन में बर्बाद हो जाएगी। क्षेत्र के इन गांव में रहने वाले किसान वर्षों से परेशान हैं। लेकिन इसका कोई स्थाई समाधान नहीं हो सका है।
दो साल पहले तस्करों ने मार दिए थे कई जंगली सूअर
दो साल पहले सिरसौली गांव के जंगल में तस्कर आ गए थे। उन्होंने कई सूअरों का शिकार कर दिया था। उस समय पर ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराके कार्रवाई कराई थी। अब फिर किसान इन सूअरों से तंग आ चुके हैं।
डीएफओ निधि चौहान ने बताया कि एसडीएम और रेंजर को टीम के साथ प्रभावित इलाके में भेजा है। गांव में मुनादी कराई गई है कि ग्रामीण उस क्षेत्र की ओर न जाए। शुक्रवार को इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि एक टीम रातभर गांव में ही रहेगी।