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मालपुर ततेरा के जंगल में मिले तेंदुए जैसे पगचिह्न

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मालपुर ततेरा जंगल के खेतों में मिले तेंदुआ जैसे पगचिह्न। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं/दहगवां। सहसवान वन रेंज के तालपुर ततेरा जंगल के पास खेतों में ग्रामीणों ने तेंदुए जैसे पग चिह्न देखे हैं। सूचना वन विभाग को दी गई। इसके बाद कांबिंग की जा रही है। हालांकि, अब तक यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि पगचिह्न तेंदुए के ही हैं। आसपास किसी गांव में भी ग्रामीणों ने तेंदुआ देखने की भी पुष्टि नहीं की है।
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सहसवान वन रेंज में मालपुर ततेरा काफी घना जंगल है। यहां दुर्लभ प्रजाति के कई वन्य जीव भी रहते हैं। इलाके से गंगा भी गुजरती है। बुधवार दोपहर के वक्त कुछ धूप खिली तो गांव के लोग खेतों में काम करने पहुंचे। यहां उन्होंने खेतों में तेंदुआ जैसे पगचिह्न देखे। ग्रामीणों का कहना है कि पगचिह्न कुत्ते या फिर अन्य किसी जीव से काफी बड़े हैं। इस प्रकार के पगचिह्न तेंदुए के ही होते हैं। इस बारे में अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद से वन रेंज में टीम बनाकर कांबिंग शुरू करा दी गई है। आसपास के गांवों में भी टीमों ने ग्रामीणों से संपर्क किया लेकिन किसी ने तेंदुआ देखे जाने की पुष्टि नहीं की है।
इधर, अब तक साफ नहीं हो सका है कि जो पगचिह्न खेतों में मिले हैं वह तेंदुए के हैं या फिर अन्य किसी जीव के। दरअसल, मालपुर ततेरा के जंगलों में जंगली बिल्ली भी बहुतायत में हैं। इनके पंजों के निशान भी बड़े होते हैं। ऐसे में आशंका इस बात की भी है कि पंजों के निशान जंगली बिल्सी के भी हो सकते हैं।
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पिछले साल सहसवान में ग्रामीणों ने मार डाला था तेंदुआ
- सहसवान वन रेंज में पहले भी तेंदुआ आने के मामले सामने आ चुके हैं। 12 जनवरी 2020 को वन रेंज के गांव रसूलपुर बेला और गढ़िया जरीफपुर के बीच जंगल में तेंदुए ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया था। इसमें चार ग्रामीण घायल भी हो गए। बाद में ग्रामीणों ने घेर कर तेंदुए को मार डाला था। इस मामले में लापरवाही के चलते वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी। मामले में एसआईटी ने भी जांच की। इससे पहले अप्रैल 2016 में मुजरिया क्षेत्र के गांव सिकंदराबाद में तेंदुआ घुस आया था। यहां भी तेंदुए ने हमलाकर कई लोगों को घायल कर दिया था। वन विभाग की टीमें इस तेंदुए को पकड़ नहीं सकी थीं। बाद में यह भाग गया था।
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जो फोटो सामने आए हैं, उसने यह अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है कि यह पगचिह्न तेंदुए के हैं या फिर जंगली बिल्सी या अन्य किसी वन्यजीव के। क्षेत्र में वन विभाग की टीमें कांबिंग कर रही हैं। अब तक तेंदुए को कहीं पर देखा नहीं गया है। जांच की जा रही है। जांच कराई जा रही है।
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- अशोक कुमार सिंह, डीएफओ
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