बदायूं/ म्याऊं। उसहैत के रिजौला गांव में हुई महिला की हत्या और पुलिस के पहुंचने के बीच मात्र कुछ ही मिनट का समय रहा। अगर पुलिस कुछ देर पहले पहुंच गई होती तो शायद विनीता की जान बच जाती। फिर भी पुलिस ने उसे बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। जब आरोपी ने पत्नी की गर्दन पर फावड़े से अंतिम वार किया उस वक्त पुलिस दरवाजे पर पहुंच चुकी थी। चूंकि गेट अंदर से बंद था। इससे पुलिस को दीवार फांदकर घर में घुसना पड़ा। इस बीच आरोपी को भागने का मौका नहीं मिला और मौके पर पकड़ा गया।
ग्राम रिजौला निवासी दुर्वेश राजमिस्त्री है। वह दो भाइयों में बड़ा है। उसकी शादी करीब छह साल पहले मूसाझाग के एबिया निवासी विनीता (29) से हुई थी। उसके दो जुड़वा बच्चे हैं, जिनमें तीन वर्षीय बेटी शिवानी और बेटा शोभित हैं। बताते हैं कि जिस वक्त विनीता की हत्या हुई, उस समय घर में दुर्वेश के पिता राजबहादुर और छोटा भाई उर्वेश भी मौजूद थे। वे पहले ही भांप चुके थे कि दुर्वेश पर खून सवार हो चुका है। इससे राजबहादुर वारदात से पहले घर से भाग गए। जबकि उर्वेश दोनों बच्चों को लेकर छत से कूदकर भाग गया। जिस समय आरोपी विनीता के साथ मारपीट कर रहा था, उसी समय मोहल्ले के लोगों ने उसकी चीख सुनकर पुलिस को सूचना दे दी थी। जिस पर पुलिस बगैर समय गवाएं मौके पर पहुंच गई। आरोपी ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था। इससे पुलिस को घर में घुसने का मौका नहीं मिला। जब पुलिस दीवार फांदकर घर में घुसी कि तब तक विनीता तड़पती हुई मिली। गर्दन कटने से खून भी ज्यादा बह गया था।
... तो बच्चों को भी मार देता दुर्वेश
जिस समय विनीता की हत्या हुई, उस समय दोनों बच्चे घर में थे। उर्वेश ने भाई को फावड़ा लाते देखा था। उसे लगा कि ये विनीता के साथ दोनों बच्चों को भी मार देगा। इससे वह दोनों बच्चों को लेकर छत पर चढ़कर नीचे कूद गया। इससे बच्चों की जान बचा ली। ग्रामीणों के अनुसार, अगर उस समय दुर्वेश के सामने दोनों बच्चे होते, तो शायद वह उन पर भी हमला कर देता।
युवक को फंसाने का कई दिन से बना रहा था प्लान
आरोपी दुर्वेश अपने पड़ोसी युवक को फंसाने का कई दिन से प्लान बना रहा था। वह कई बार अपनी पत्नी से कह चुका था कि वह थाने चले और युवक के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाकर तहरीर दे लेकिन विनीता इसके खिलाफ थी। विनीता उससे कह रही थी कि जब उसके साथ कुछ हुआ ही नहीं तो वह तहरीर क्यों दें। इससे दुर्वेश और खफा था। शुक्रवार सुबह भी उसने विनीता के साथ मारपीट की थी। दोपहर के समय फिर उसने जिद की तो विनीता ने भी कह दिया कि वह थाने नहीं जाएगी। फिर क्या वह आपा खो बैठा और हत्या कर दी।