कौन खरीदे गेहूं, जब केंद्र ही हैं बंद
-निरीक्षण में प्रभारी डीएम को कुंवरगांव में बंद मिले दो केंद्र
-केंद्र प्रभारी भी थे नदारद, स्पष्टीकरण मांगा
प्रदेश सरकार ने तो गेहूं खरीद के लिए स्थापित किए गए सभी केंद्रों पर सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के आदेश दिए लेकिन यहां सारे केंद्र खोले ही नहीं गए। बुधवार को प्रभारी डीएम जब क्रय केंद्रों का हाल जानने निकले तो निरीक्षण के दौरान कुंवरगांव स्थित दो क्रय केंद्र बंद पाए गए। यहां केंद्र प्रभारी भी नहीं थे। इस पर नाराज प्रभारी जिलाधिकारी सीडीओ अच्छे लाल सिंह यादव ने दोनों केंद्र प्रभारियों का जवाब तलब कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को प्रभारी डीएम ने कुवंरगांव स्थित सहकारिता विभाग और उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव यूनियन (यूपीसीयू) के गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया तो ये केंद्र बंद पाए गए। दोनों केंद्रों पर अब तक गेहूं खरीद भी शुरू नहीं हुई थी। प्रभारी डीएम ने इंचार्ज डिप्टी आरएमओ अजय कुमार से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि अभी गेहूं कटाई का कार्य चल रहा है। केंद्रों पर गेहूं आने में लगभग एक सप्ताह का समय और लगेगा। सहकारिता विभाग के क्रय केंद्र पर केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मी मुकेश कुमार गुप्ता ही उपस्थित मिले। उन्होंने बताया कि केंद्र प्रभारी राम खिलाड़ी शर्मा जिला मुख्यालय पर बैठक होने के कारण केंद्र बंद करके चले गए हैं। केंद्र बंद होने के कारण नमी मापक यंत्र, छलना, शासकीय अभिलेख और बारदाने की स्थिति की भी जानकारी नहीं हो सकी। खरीद केंद्र साधन सहकारी समिति में स्थापित है। यहां अत्याधिक गंदगी पाए जाने पर भी प्रभारी डीएम ने चतुर्थ श्रेणी कर्मी की जमकर क्लास ली। पेयजल की समुचित व्यवस्था उपलब्ध थी, बैनर भी लगा हुआ था। प्रभारी डीएम ने इलेक्ट्रॉनिक कांटा खराब होने के कारण उसके स्थान पर दूसरा कांटा रखा होने पर असंतोष व्यक्त किया। कुंवरगांव स्थित ही श्रीकृष्ण पेट्रोल पंप के निकट उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव यूनियन (यूपीसीयू) का केंद्र भी बंद पाया गया। यहां के केंद्र प्रभारी अवन कुमार गुप्ता भी नहीं मिले। उपस्थित श्रमिक भी कोई जानकारी नहीं दे सके। केंद्र बंद होने के कारण इलेक्ट्रॉनिक कांटा, छलना, बारदाना, नमी मापक यंत्र, शासकीय अभिलेख आदि की स्थिति के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। प्रभारी डीएम ने निर्देश दिए कि जनपद में स्थापित क्रय केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। प्रभारी नियमित रूप से केंद्रों पर उपस्थित रहें। गेहूं खरीद में लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित क्रय एजेंसियों के प्रबंधकों को सख्त हिदायत दी कि वह अपने-अपने केंद्रों का निरीक्षण अवश्य करें। किसी वस्तु की अनुपलब्धता हो तो उसको प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। प्रत्येक केंद्र पर किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए। प्रभारी डीएम ने चेतावनी दी कि किसी केंद्र पर कोई खामी पाई जाती है अथवा बंद मिलता है तो कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।