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Budaun News: होश आया तो सड़क पर पड़े दिखे शव... करीब से गुजर गई मौत

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हादसे के चश्मदीद महेंद्र यादव। संवाद
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उझानी। डिवाइडर से पिकअप के टकराने के साथ धमाके की आवाज... कोई बेहोश हो गया तो किसी के शरीर से खून बह रहा था। बेहोश श्रद्धालुओं की आंख खुली तो उन्होंने किसी को पिकअप के नीचे दबा पाया तो कोई जिंदगी से जूझता नजर आया। जिनकी जान बची है, उनमें बुजुर्ग महेशा देवी और महेंद्र हैं। दोनों का यही कहना है कि बड़े करीब से मौत गुजर गई। दोनों हादसे के बारे में बताते हुए बदहवास नजर आए।
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बागपत हादसे में मामूली रूप से घायल अल्लापुर चमारी गांव के महेंद्र यादव (45) भी उसी पिकअप में सवार थे, जिसमें सोमवार दोपहर तक बच्चों और महिलाओं समेत 13 श्रद्धालुओं की जान चली गई। महेंद्र भी पड़ोस के पुरुष श्रद्धालुओं के साथ पिकअप में तख्त के ऊपर बैठे थे। हादसे की हकीकत बयां करते समय वह दो-तीन बार परेशान दिखे। बोले- गोगामेड़ी से जात करने के बाद लौटते समय पिकअप में बैठे सभी लोग थकान के कारण नींद के आगोश में थे।
महेंद्र ने बताया कि नींद तो उन्हें भी आ गई। रविवार रात में करीब एक बजे जब तेज धमाके के साथ पिकअप डिवाइडर से टकराकर पलटी तो उनकी भी आंख खुल गई। कुछ देर तक अचेत रहने के बाद उन्हें होश आया तो चीख-पुकार के बीच उन्होंने खुद को पिकअप के नीचे दबा पाया। कमोवेश ऐसा ही बुजुर्ग महेशा देवी के साथ भी हुआ। महेशा उसी वाहन से सोमवार रात करीब 12 बजे गांव लौटीं, जिसमें शव रखे हुए थे।
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महेशा कहती हैं कि उनका हाथ पिकअप के डाले से दब गया। किसी ने उन्हें बाहर तो निकाल लिया, लेकिन मौके के हालत देख वह भी अचेत हो गईं। बोलीं- सड़क पर पड़े दो-तीन लोगों के शरीर से खून बह रहा था। अंधेरे की वजह से वह उन्हें पहचान तक नहीं पाईं। सिर्फ इतना ही कहा कि हम दोनों के करीब से होकर मौत गुजर गई। बता दें कि हादसे के वक्त महेंद्र और महेशा देवी के साथ परिवार का कोई अन्य सदस्य नहीं था। उन्हें संगी- साथी श्रद्धालुओं, हादसे के बाद जुटे मददगार लोगों और पुलिस कर्मियों ने ही संभाला।



घायल विकास बरेली रेफर, बेटा-बेटी के अंतिम संस्कार में नहीं हो पाए शरीक
मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव सराय मुड़िया खागी निवासी घायल विकास यादव के मासूम बेटे सौरभ और बेटी दीक्षा की बागपत हादसे में जान गई थी। हादसे में गंभीर रूप से घायल विकास को मंगलवार तड़के गांव लाकर राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार कराया गया। अल्लापुर के प्रधान श्रीपाल ने बताया कि उन्हें बेहतर इलाज के लिए परिजनों ने बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालत गंभीर होने की वजह से विकास अपने बेटे और बेटी के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाए। परिवार के लोगों ने दोनों का दाह संस्कार किया है। इसके अलावा मृतक प्रेम सिंह की पत्नी उर्मिला को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वह भी पति की अंतिम विदाई के समय मौजूद नहीं रह पाईं।

हादसे के चश्मदीद महेंद्र यादव। संवाद

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