कछला पुल पर बोलेरो गाड़ी से उठतीं आग की लपटें। संवाद
कछला। इसे महज संयोग कहें या कुछ और। सोमवार को कछला के गंगा पुल पर राजस्थान से आया एक परिवार बड़े हादसे से बच गया। परिवार के सदस्य पांच बच्चों के साथ गंगा मैय्या को प्रणाम कर सिक्के विसर्जित करने के लिए उतरे थे, तभी अचानक उनकी बोलेरो कार धू-धू करके जलने लगी। माैके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने पानी की बौछार डालकर आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक गाड़ी पूरी तरह जल चुकी थी। घटना के बाद वहां माैजूद हर कोई यही कहते दिखा कि...गंगा मैया ने परिवार को बचा लिया।
घटना सुबह करीब नाै बजे की है। राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन सिटी थाना क्षेत्र के सिकरोड़ा मीना निवासी राजकुमार ने बताया कि 21 जनवरी को उनके बड़े भाई सियाराम का निधन हो गया था। इसलिए सोमवार सुबह वह दो गाड़ियों से परिवार के साथ कछला के भागीरथ गंगा घाट पर अस्थियां विसर्जन करने आ रहे थे।
कछला पुल पहुंचने पर परिवार के लोगों ने गंगा मैय्या को प्रणाम कर सिक्के चढ़ाने की बात कही। इस पर सभी लोग बोलेरो से पुल पर उतरे और गंगा में सिक्के प्रवाहित करने लगे। गाड़ी पुल पर ही किनारे खड़ी कर दी थी। इसी बीच गाड़ी के बोनट से धुआं उठने लगा। राजकुमार ने बोनट खोलने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं खुला और आग की लपटें निकलने लगीं।
कुछ ही देर में आग ने पूरी कार को चपेट में ले लिया। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची कछला चौकी पुलिस ने दमकल की गाड़ी बुलाई। करीब पौन घंटे बाद दमकल विभाग के कर्मी पहुंचे, तब तक कार पूरी तरह से जल चुकी थी। दमकल कर्मियों ने पानी डालकर आग को बुझाया।
महिलाओं संग बच्चे बैठकर आए थे वाहन में
जिस कार में आग लगी, उसमें परिवार की दो महिलाओं के साथ पांच बच्चे सुहेल (7), नीरज (7), अमन (7), आनंद, सुभाष और सहानुज बैठे थे। राजकुमार ने बताया कि वह परिवार की इच्छा पर दूसरे छोर पर अस्थियां विसर्जन करने जा रहे थे। इसी बीच गंगा में सिक्के प्रवाहित करने के लिए सभी लोग कार से पुल पर उतर गए। इससे बड़ा हादसा टल गया।