तमाम समस्याओं के बाद गेहूं खरीद का लक्ष्य एक दिन पहले ही भेद दिया गया। अभी आखिरी दिन 15 जून का हिसाब बाकी है। खरीद प्रतिशत 103 से ऊपर निकलने की उम्मीद है।
खरीद की शुरूआत दो अप्रैल से हुई और 15 जून तक आखिरी खरीद हुई। जिले को गेहूं खरीद का 82,000 मीट्रिक टन लक्ष्य मिला था। इसमें बीच में 13,000 मीट्रिक टन का बढ़ा हुआ लक्ष्य भी शामिल है। दरअसल, पहले जिले को 69,000 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला था। इसमें 62,000 मीट्रिक टन खरीद राज्य सरकार की संस्थाओं के जिम्मे था और 7,000 मीट्रिक टन केंद्रीय संस्था को खरीद का लक्ष्य दिया गया था। बाद में 13,000 मीट्रिक टन का लक्ष्य शासन ने और बढ़ा दिया। इसके बाद जिले का लक्ष्य 82,000 मीट्रिक टन हो गया था। 15 जून तक आखिरी खरीद हो चुकी है। आखिरी दिन का हिसाब-किताब चल रहा है। 14 जून तक की स्थिति से पता चला कि खरीद का लक्ष्य पूरा हो गया है। सात संस्थाओं ने 84,503.9 मीट्रिक टन की खरीद कर ली है। जो 2,503.9 मीट्रिक टन लक्ष्य से अधिक खरीद है।
ये है खरीद की स्थिति
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संस्था केंद्र खरीद (एमटी में)
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पीसीएफ 45 28904.00
यूपीएसएस 40 14672.00
एसएफसी 07 2776.50
यूपी एग्रो 06 9276.00
कक निगम 04 2943.50
एफसीआई 04 1065.50
विपणन 08 15276.90
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कुल 114 84503.90
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इस बार गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ था। विषम परिस्थितियों में खरीद हुई थी। गेहूं की खरीद का समय 15 जून तक थी। समय से पहले ही खरीद का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। खरीद के दौरान किसानों को कोई समस्या नहीं आई।
-राजेंद्र प्रसाद, एडीएम वित्त/ गेहूं खरीद प्रभारी