बदायूं। जिले के अलापुर में गेहूं खरीद में हुए घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू द्वारा किए जाने की जानकारी मिलने के बाद घोटालेबाजों में खलबली मची है। इसकी वजह यह कि पहले कुछ सफेदपोश कार्रवाई की जद में आने से बच गए थे। अब तक यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा था। मगर अब उन्हें अपनी गर्दन फंसती नजर आ रही है।
वर्ष 2018-19 में अलापुर स्थित क्रय केंद्र पर गेहूं खरीद में घपला सामने आया था। इसमें करीब 77 लाख रुपये का गेहूं गायब था। ऐसे में तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह ने तत्कालीन डिप्टी आरएमओ को निलंबित कर दिया था। साथ ही नामित एजेंसियों के प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी। इसमें उत्तर प्रदेश भंडारण निगम के प्रबंधक अशोक कुमार सक्सेना व अन्य एजेंसियों के कर्मचारी प्रमोद कुमार गुप्ता, प्रदीप कुमार सागर व अशोक कुमार यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी थी। उसके बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब जबकि शासन ने दातांगज गेहूं खरीद घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी है तो उसके बाद अलापुर गेहूं खरीद घोटाले में शामिल घोटालेबाजों के भी होश उड़ गए हैं।
अलापुर में गेहूं खरीद में घपला मेरे से पहले का है। इसकी जांच शासन स्तर से इसकी जांच की जा रही है। आगे जो भी कार्रवाई होगी, वह शासन स्तर से ही होगी।
- नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम वित्त