बदायूं। हर साल गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू होती थी, लेकिन लॉकडाउन के चलते प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद की तारीख दो सप्ताह आगे बढ़ा दी थी। गेहूं खरीद का लक्ष्य एक हजार 22 मिट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है। बुधवार को गेहूं खरीद का पहला दिन रहा। पहले दिन बुधवार को जिले के अधिकांश क्रय केंद्र सूने पड़े रहे। पहले दिन इक्का-दुक्का किसान ही गेहूं लेकर क्रय केंद्र पहुंचे।
सीन- एक
उसावां। ब्लॉक के गांव सेहा में आरएफसी का सरकारी गेहूं क्रय केंद्र है। यहां बृहस्पतिवार को पहले दिन कर्मचारी किसानों के आने से इंतजार करते रहे। शाम साढ़े चार बजे तक कोई गेहूं लेकर नहीं पहुंचा था। शाम को दो किसान गेहूं लेकर क्रय केंद्र पहुंचे। कर्मचारियों ने पहले साबुन से किसानों केे हाथ धुलवाए। इसके बाद गेहूं खरीदा। संवाद
सीन- दो
कुवरगांव। यहां साधन सहकारी समिति पर यूपीएसएस का गेहूं क्रय केंद्र है। कुंवरगांव में पहले कर्मचारी किसानों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन शाम तक कोई भी किसान नहीं आया। ऐसे में कर्मचारी अपने जरूरी काम निपटाते पर नजर आए। कर्मचारियों की मानें तो क्रय केंद्र गेहूं आने में अभी तीन-चार दिन लग जाएंगे। संवाद
सीन- तीन
दातागंज। शंकरपुर गांव स्थित केंद्र पर बृहस्पतिवार को एक भी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। दिन में दो-तीन किसान गेहूं बिक्री के संबंध में जानकारी लेने जरूर पहुंचे। इसके अलावा कर्मचारियों ने लॉकडाउन का पालन करने संबंधी जानकारी ग्रामीणों को दी।
सीन-चार
शहर में दो सरकारी क्रय केंद्र खोल गए हैं। यहां दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। शाम को करीब पांच बजे दो-तीन किसान गेहूं लेकर पहुंचे। इन किसानों का कहना है कि पहले केंद्र पर तैनात कर्मचारी ने मजदूर न होने की कहकर खरीद करने से मना कर दिया। इस पर किसानों ने अधिकारियों से शिकायत करने को कहा। तब उनका गेहूं खरीदा गया। हालांकि केंद्र प्रभारी दिग्विजय ने आरोप निराधार बताया।