बदायूं। शासन स्तर से गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी गई है, जिससे बड़े व्यापारी परेशान हैं। उन्हें आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। ऐसे में अफसरों को उम्मीद थी कि किसान अब सरकारी क्रय केंद्रों की ओर रुख करेंगे। ऐसे में गेहूं क्रय केंद्रों की स्थिति में सुधार होगा, और खरीद बढ़ेगी। इसके विपरीत किसानों के रुख को देखकर अधिकारियों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। मंगलवार को कई केंद्रों पर कोई भी किसान गेहूं बेचने के लिए नहीं पहुंचा। देहात क्षेत्र में अधिकतर केंद्र भी बंद रहे।
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मंडी समिति : नहीं पहुंचा कोई किसान
शहर की मंडी समिति में दो क्रय केंद्र है। इन क्रय केंद्रों पर अब तक महज 74 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है, हालांकि मंगलवार को कोई भी किसान मंडी में गेहूं बेचने के लिए नहीं पहुंचा। हालांकि केंद्र प्रभारी वहां पर दोपहर के समय मौजूद मिले। केंद्र प्रभारी यदुवीर ने बताया कि किसानों से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन वे गेहूं बेचने के लिए नहीं आ रहे हैं।
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सहसवान में बंद मिला सेंटर
सहसवान में विभाग की ओर से गेहूं क्रय केंद्र खोला गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह क्रय केंद्र अधिकतर समय बंद रहता है और मंगलवार को भी यह बंद रहा। हालांकि लोगों ने बताया कि यहां पर कोई भी किसान मंगलवार को नहीं आया था।
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उसहैत में किसान पहुंचा पर केंद्र बंद था
उसहैत ब्लॉक उसावां के गांव गढ़िया हरदोपट्टी में एक सरकारी गेहूं क्रय केंद्र हैं। यह केंद्र भी मंगलवार को बंद था। केंद्र प्रभारी अनु कश्यप को कॉल की लेकिन उनका नंबर नहीं लगा। वहां पर मौजूद किसान राम खिलावन ने बताया कि वह यहां पर गेहूं बेचने के बारे में पता करने आया था। लेकिन कोई नहीं था।
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दहगवां में भी कोई किसान नहीं पहुंचा
दहगवां क्षेत्र में एसएफसी का सरकारी केंद्र खुला हुआ है। यहां पर अब तक 6.5 क्विंटल की गेहूं खरीद हुई है, वहीं केंद्र प्रभारी अख्तर हुसैन ने बताया कि मंगलवार को भी कोई भी किसान केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि किसानों से लगातार वार्ता की जा रही है। लेकिन कोई भी किसान गेहूं बेचने के लिए अभी तैयार नहीं है।
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-बाजार में गेहूं के दाम अधिक होने के कारण किसान अपना गेहूं सरकारी केंद्रों पर नहीं ला रहा है। गेहूं खरीद में प्रगति लाने के लिए केंद्रों के प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र के किसानों से संपर्क करते रहे और उन्हें सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रेरित करें।
-अतुल कुमार वशिष्ठ, डिप्टी आरएमओ