गेहूं की फसल पर आपदा के बाद से सदमे के दौर से गुजर रहे दो और किसानों की मौत हो गई। मृतक गोकरन यादव कादरचौक क्षेत्र के हैं, तो दूसरे उझानी के गांव धौरेरा के जगदीश वाल्मीकि हैं। गोकरन के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है।
कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव धीरीनगला निवासी गोकरन यादव (54) गुजरात में ईंट भट्ठा पर मजदूरी करते थे। दो दिन पहले वह घर लौटे थे। शुक्रवार को बेटे प्रेमचंद्र से खेत में गेहूं की फसल के बारे में पूछा फिर शाम को खेत पर चले गए। खेत में कटी पड़ी फसल को देख वह सदमे में आ गए। खेत पर ही वह गश खाकर गिर पड़े। प्रेमचंद्र ने बताया कि उसके पिता घर नहीं लौटे, तो वह खेत पर पहुंचा। गेहूं की पूलियों पर गोकरन पड़े थे। घरवाले इलाज को लेकर चले तो रास्ते में उनकी मौत हो गई। गोकरन के पास आठ बीघा कृषि योग्य भूमि है। गोकरन की मौत के बाद लेखपाल वीरपाल ने ग्रामीणों से बात कर सच्चाई का भी पता लगाया। बताया कि एसडीएम और तहसीलदार को भी अवगत करा दिया गया है।
इधर, धौरेरा निवासी 50 वर्षीय जगदीश वाल्मीकि की गेहूं की फसल चौपट होने से सदमे में मौत हो गई। बेटे सुरेंद्र ने बताया कि छह बीघा फसल में महज पांच क्विंटल गेहूं निकला था। पिता गेहूं कम निकलने का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए। बताते हैं कि उनके यहां बेटे की सगाई का कार्यक्रम था। सगाई की खुशियों में भी रंग में भंग पड़ गया।