बदायूं। शनिवार को बाट माप विभाग के अधिकारियों की एक शर्मनाक करतूत सामने आई। विभाग के अधिकारियों ने एक मिष्ठान भंडार पर अचानक छापा मारा। बाद में पचास हजार रुपये लेकर मामला रफादफा कर दिया गया। शाम के समय इसकी सीसीटीवी फुटेज सामने आने पर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम कुमार प्रशांत ने इस मामले में कार्रवाई करने को कहा है।
शहर के आदर्शनगर निवासी सपन गुप्ता की ओवरब्रिज के नजदीक मंगलम स्वीट्स के नाम से दुकान है। बताते हैं कि शनिवार को वह गंगा नहाने गए हुए थे। दुकान पर उनका बेटा और छोटा भाई रजनीश गुप्ता बैठे हुए थे। दोपहर के समय तीन लोग उनकी दुकान पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले एक किलो मिठाई खरीदी। साथ में एक खाली डिब्बा भी मांगा। रजनीश गुप्ता ने उनसे मिठाई के रुपये मांगे तो उन्होंने रुपये देने से इनकार किया। इस पर रजनीश ने मिठाई का डिब्बा वापस लेना भी चाहा, लेकिन उन्होंने डिब्बा नहीं दिया। आरोप है कि अधिकारी बोले-वह बाट माप विभाग से हैं। उनकी तोल में कई खामियां हैं। उन पर जुर्माना लगाया जाता है। काफी देर तक उनके बीच बहसबाजी चलती रही। अंत में उन्होंने डिमांड रखी। अचानक छापामारी से रजनीश गुप्ता डर गए। उन्होंने दुकान के अंदर और काउंटर पर आकर कुछ रुपये दिए।
उन्होंने आश्वासन दिया कि अब कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। शाम के समय सपन गुप्ता वापस लौटे तो उन्हें इसके बारे में पता चला। उन्होंने पचास हजार रुपये की ठगी बताते हुए पुलिस को सूचना दे दी। जिस पर पुलिस ने मामले की छानबीन की। तब पता चला बाट माप विभाग के ही अधिकारी थे। उनके रुपये लेने का मामला सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। इससे जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
ये मामला मेरे संज्ञान में नहीं है और न ही किसी ने इसके बारे में मुझे बताया था। अगर बाट माप विभाग के अधिकारियों ने रिश्वत ली है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुमार प्रशांत, डीएम
पुलिस को सूचना मिली थी कि मिष्ठान भंडार से पचास हजार रुपये की ठगी हो गई है। जब इसके बारे में पता कराया गया तो वह बाट माप विभाग के लोग निकले। इस संबंध में अभी कोई तहरीर नहीं आई है। अगर तहरीर आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी