उझानी (बदायूं)। पिछले दो दिनों में बारिश और ओलावृष्टि ने सरसों और आलू की फसल को जमकर नुकसान पहुंचाया। सरसों को तो संभलने का मौका ही नहीं मिल पा रहा है तो बारिश ने आलू को फिर से चपेट में ले लिया। नुकसान में हालांकि टमाटर की फसल भी रही, लेकिन पकने के कगार पर पहुंचने से सरसों को 30 फीसदी तक नुकसान हुआ है।
बदायूं जिले में इस बार सरसों का रकबा पिछले साल के मुकाबले करीब 20 फीसदी अधिक है। इसीलिए सरसों से किसानों को उम्मीद भी अधिक है, लेकिन मंगलवार तड़के बिसौली और बिल्सी तहसील क्षेत्र के कुछ इलाकों में ओलों की बौछार ने सरसों उत्पादकों के अरमानों पर पानी फेरने का काम कर दिया। पकने के कगार पर पहुंच चुकी सरसों की फसल पर ओलों की बौछार पड़ी तो फलियां भी दागी हो गईं। इसका उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा। इसी तरह बारिश ने आलू और टमाटर की फसल को नुकसान पहुंचाया। जिन स्थानों पर बारिश अधिक हुई, वहां खेतों में पानी भर जाने से आलू सड़ने के कगार पर पहुंच सकता है। किसानों की मानें तो फायदे में तो गेहूं की फसल है। बढ़वार की ओर गेहूं की फसल में इस बार किसानों को सिंचाई भी कम करनी पड़ी है। सब्जी फसलों में पत्ता और फूल गोभी में कीट उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है। खेतों में नमी का माहौल बढ़ने पर पत्तेदार सब्जियों को कीट चपेट में ले लेते हैं।
इस बार मौसम में जल्दी-जल्दी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बारिश से सब्जी फसलों समेत सरसों को नुकसान रहता है, लेकिन गेहूं के लिए बारिश मुफीद बनी हुई है। फिलहाल किसी भी फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
- डॉ. एसबी सिंह, कृषि वैज्ञानिक।