सावन का महीना शुरू हो गया है। गंगा में ऊपरी डेमों से पानी निरंतर बढ़ रहा है। यह असर है पहाड़ों पर हुई वर्षा का। हरिद्वार से छोड़ा गया पानी निरंतर वृद्धि करता आगे बढ़ रहा है। पानी डूब क्षेत्र में फैलता जा रहा है। गंगा और बांधों के बीच क्षेत्र को डूब क्षेत्र कहा जाता है। कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा कछला घाट पर भी अधिक जल स्तर होने के कारण सावधान रहना होगा।
गंगा में पानी की बढ़ोत्तरी की जानकारी गंगा के ऊपरी बांधों से छोड़े गए पानी से जानी जाती है। गंगा इस समय उफान पर है और डूब क्षेत्रों में गंगा के पानी का फैलाव हो रहा है। बाढ़ खंड का कंट्रेाल रूप इस पर लगातार नजर रखे हुए है। रामगंगा जहां स्थिर बनी हुई है, वहीं गंगा उफान मार रही है। नरौरा और बिजनौर डेम से भी गंगा में पानी बढने की सूचनाएं जारी हो रही हैं।
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फसलों को नष्ट कर चुकी है गंगा
सहसवान क्षेत्र में और उसहैत क्षेत्र में गंगा और बांधों के बीच की दूरी अधिक होने के कारण गंगा का फैलाव इन क्षेत्रों में सर्वाधिक हो रहा है। इस क्षेत्र में किसानों की फसले हैं जो गंगा के विस्तार लेते ही नष्ट हो जाती हैं। इस क्षेत्र में फिलहाल पानी बढ़ने से इन फसलों पर तबाही के बादल मंडराने लगे हैं। गंगा लगातार विस्तार लेती जा रही है।
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गंगा में छोड़े गए पानी की स्थिति
नरौरा डेम- 34,952 क्यूसेक
बिजनौर डेम- 56,923 क्यूसेक
हरिद्वार डेम- 67,803 क्यूसेक
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गंगा का जलस्तर मीटर गेज पर 162.65