तीन महीना पहले मारपीट की घटना में घायल बालक की मौत के मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस कछला गंगाघाट पर शव खोजने पहुंची। बालक का शव जहां दफनाया गया था, वहां से गायब है। मृतक के पिता ने गांव के ही एक व्यक्ति पर शव गायब करने का आरोप लगाते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया है।
मामला कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव बोंदरी का है। बोंदरी निवासी चौकीदार अमर सिंह की मानें तो नवंबर में गांव के ही अर्जुन, उसकी पत्नी कमला और रामसरन ने अमर सिंह के आठ साल के बेटे चंद्रकेश को बुरी तरह पीटा था। पिटाई से घायल चंद्रकेश की 19 नवंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। आरोप है कि पुलिस ने उस वक्त कोई कार्रवाई नहीं की। अमर सिंह ने बेटे के शव को कछला गंगाघाट पर दफना दिया। बाद में उसने कोर्ट की शरण ली तो पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
तीन दिन पहले कादरचौक थाने के दरोगा राजीव राठी फोर्स के साथ कछला गंगाघाट पर शव तलाशने पहुंचे। उनके साथ अमर सिंह भी थे। अमर सिंह की निशानदेही पर पुलिस ने वह स्थान खुदवा कर देखा जहां चंद्रकेश का शव दफनाया गया था लेकिन वहां शव नहीं मिला। अमर सिंह का आरोप है कि आरोपियों ने गांव के ही एक व्यक्ति से मिलकर शव को गायब कर दिया है। अमर सिंह ने मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में फिर से पत्र सौंपकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि लाश गायब करने के पीछे केस को कमजोर करने की मंशा उजागर हो रही है। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।