बदायूं। प्रदेश सरकार की ओर से स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार और भर्ती के लिए एक वार्ड आरक्षित किया गया है। इसके अलावा मरीजों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली ओसेल्टामिविर की दो हजार टैबलेट और इन्फ्लूएंजा वैक्सीन की मांग की गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बीमारी की आशंका को देखते हुए अस्पताल में जरूरी व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त की जा रही हैं।
मौसम में बदलाव के बीच वायरल और सांस संबंधी संक्रमण के मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू को लेकर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिला अस्पताल में आरक्षित किए गए वार्ड में संदिग्ध या संक्रमित मरीजों को आवश्यकता के अनुसार भर्ती कर उपचार दिया जा सकेगा। जिला अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अभी कुछ दवाएं है, लेकिन की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए मांग की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को उपचार देने में दिक्कत न हो। जिला अस्पताल के डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है। इसमें बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है।