संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी। बाइक से गमछे खरीदने के बहाने सूट मेचिंग सेंटर में पहुंचे दो युवकों ने दुकानदार आशा सपरा को अपनी बातों में उलझाकर सोने की दो चूड़ियां ठग ले गए। उन्होंने छह सौ रुपये देकर पहले छह गमछे खरीदे, फिर यह कहते हुए 21 सौ रुपये रख दिए कि वह अपनी चूड़ियों को गमछों के साथ दुकान के मंदिर में रख दें तो उनका धार्मिक कार्य पूरा हो जाएगा। घटना को अंजाम देकर दुकान से बाहर निकलते समय दोनों से एक युवक ने पैर छूकर उनसे आशीर्वाद भी मांगा।
ठगी की असामान्य घटना रविवार अपराह्न करीब चार बजे स्टेशन रोड पर हुई। पंजाबी कॉलोनी निवासी आशा रानी पति अजय सपरा के निधन के बाद से खुद की दुकान संभालती हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि बाइक सवार दो युवक उनकी दुकान पर आए। दोनों ने 11 गमछे खरीदने की बात की।
गमछे कम थे, सो उन्होंने छह सौ रुपये देकर छह गमछे खरीदे। आरोप है कि बातचीत के दौरान ही दोनों युवकों ने उन्हें बड़े ही अजीब अंदाज में उलझा लिया।
दोनों ने यह कहते हुए 21 सौ रुपये और दिए कि वह गमछों के साथ अपनी दोनों सोने की चूड़ियों को दुकान के मंदिर में रख दें तो उनका धार्मिक कार्य पूर्ण हो जाएगा।
इसके बाद आशा दोनों की बातों में ऐसी उलझीं कि जैसे- जैसे उनसे जो कहा गया, वह करती चली गईं। कुछ देर बाद एक युवक बाहर निकला और बाहर खड़े होकर दूसरे का इंतजार करने लगा।
आशा ने पुलिस को यह भी बताया कि जब दूसरा युवक दुकान से उठकर चला तो उन्हें भी अपने साथ कर लिया। दुकान के गेट पर उसने आशा के पैर छूए और आशीर्वाद मांगा।
दोनों युवक बाइक से घंटाघर चौराहे के रास्ते भाग गए। आशा को ठगी का अहसास दोनों युवकों के भाग जाने के बाद ही हो पाया। दुकान के मंदिर में उन्हें सिर्फ 21 सौ रुपये ही मिले। उन्होंने सोने की दोनों चूड़ियां करीब पांच तोला वजन की होने का दावा किया है।
दुकानदार आशा रानी सपरा। संवाद- फोटो : Samvad
दुकानदार आशा रानी सपरा। संवाद- फोटो : Samvad