फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपनी अपेक्षा के अनुरूप चाहते हैं आम बजट

Sun, 28 Feb 2016 11:12 PM IST
बदायूं
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
सबसे बड़े लोकतंत्र का आम बजट आने वाला है। इस पर पूरे देश की नजर लगी हुई है। आम बजट में क्या रियायतें होंगी, कौन-कौन नए टैक्स लगेंगे और नई सुुविधाओं के रूप में आम आदमी को क्या मिलेगा। इसे लेकर परिस्थितियों के हिसाब से सभी अपनी तरह की सोच रख रहे हैं। इस संबंध में शहर के विभिन्न वर्ग के लोगों से बात की गई तो सब अपने अनुरूप बजट चाहते हैं। इसमें बेरोजगारी दूर किए जाने, मंहगाई रोकने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाए जाने की बात सबसे ऊपर रही है।
व्यापारी वर्ग से सौरभ शंखधार ने कहा है कि आम बजट को मध्यम वर्ग की पीड़ाएं देखकर उनके समाधान का होना श्रेयस्कर होगा। इसमें मध्यम वर्ग का व्यापारी भी शामिल है। अक्सर गरीब और उच्च वर्ग के लोगों के हिसाब से बजट तैयार किया जाता है। मध्यम वर्ग का आदमी टैक्स के जंजाल में फंसा रह जाता है।
विज्ञापन

शिक्षक मो. जुबैर ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए मोटी रकम रखी जाती है लेकिन इसमें इस रकम के दुरुपयोग से बचाने का कोई प्रयास नहीं होता। इस बजट में इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए। व्यापारी पवन उपध्याय और गोपाल अग्रवाल का कहना है कि बिग बाजारों ने छोटे व्यापारियों के कारोबार को ठंडा कर दिया है। छोटे और मझौले व्यापारी अपने व्यापार को लेकर परेशान हैं। बजट में ऐसे व्यापारियों के हित में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। प्राइवेट जॉब कर रहे प्रेमपाल ने कहा कि केंद्र की सत्ता में आने से पहले भाजपा के एजेंडा था कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे लेकिन इस ओर अभी तक कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं। बजट में बेरोजगारी समस्या दूर किए जाने के ठोस आधारों का समावेश होना जरूरी है। गृहणी अर्चना ने कहा है कि बजट में मंहगाई रोकने के स्थाई प्रयासों के रूप में ठोस उपायों को जोड़ा जाना चाहिए।
विज्ञापन

चिकित्सक राजीव कुमार ने बजट में चिकित्सा की बेहतर कार्यप्रणाली को जगह देनी होगी। स्वस्थ समाज की देश की स्वस्थ नींव रख सकता है। महंगी होती जा रही चिकित्सा को आम लोगों को आसान और सस्ती करने के लिए बजट में जरूरी सुधार होने चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें