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Budaun News: धूप में लाइन लगाने से कतराते दिखे मतदाता, नहीं बढ़ा मतदान फीसदी

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दबतोरा बूथ पर धूप से बचाव को नहीं लगी राउटी।संवाद
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बदायूं। गर्मी के दिन में होने वाले लोकसभा चुनाव में मतदाता तपती दोपहरी में बूथों पर लाइन में खड़े होने से कतराते नजर आए। यही कारण है कि कई प्रयास के बाद भी मतदान प्रतिशत नहीं बढ़ सका। 1977 के बाद से लगातार गर्मी के दिनों में ही लोकसभा चुनाव होते आ रहे हैं। यही कारण है कि चुनाव आयोग, जिला प्रशासन के तमाम प्रयास के बाद भी मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है।
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वर्ष 1952 में सबसे कम मत प्रतिशत 36.95 रहा था। वर्ष 1957 से अब तक 55 से 60 फीसदी ही मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। 1977 के बाद से लोकसभा का चुनाव गर्मी में ही होता आ रहा है। मतदान प्रतिशत 54.31 प्रतिशत रहा। लाख कोशिशों के बाद भी मत प्रतिशत नहीं बढ़ाया जा सका। पिछले लोकसभा चुनाव से तीन फीसदी कम लोगों ने मतदान किया।


दबतोरा बूथ पर नहीं थे धूप से बचाव के इंतजाम
बिसौली विधानसभा क्षेत्र के गांव दबतोरा में बनाए गए दोनों बूथों पर धूप से बचाव के लिए तंबू नहीं था। इस कारण मतदाताओं को धूप में खड़ा रहना पड़ा। लोग लाइन में लगने से कतराते रहे। यहां पहुंचे सेक्टर मजिस्ट्रेट ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
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कतार में नहीं लगे, पेड़ की छांव में बैठकर किया इंतजार
धूप से बचने के लिए मतदाता लाइन में नहीं लगे। आसपास खड़े पेड़ों की छांव में बैठकर वोट डालने के लिए अपनी बारी आने का इंतजार किया। प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी बूथों पर धूप से बचने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा सके।



बूथों पर धूप से बचने के लिए नहीं थे ठोस इंतजाम
लोकसभा क्षेत्र में 2117 बूथों पर मतदान संपन्न हुआ। कुछ ऐसे बूथ थे जो इंटर कॉलेजों में थे, जहां धूप से बचाव रहा, लेकिन अधिकांश बूथों पर धूप से बचने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए। कहीं कहीं एक-एक चांदनी तानकर धूप से बचाव किया गया, जो नाकाफी रहा।

पेयजल रखा पर गिलास का नहीं था इंतजाम
बदायूं। मतदान केंद्रों पर कहीं हैंडपंप थे तो कही-कहीं वाटर कूलर से पानी मिल रहा था। कुछ स्थानों पर कूल जग पानी रखा गया था, लेकिन गिलास का इंतजाम नहीं था। नगर पालिका इंटर काॅलेज में मतदाताओं की गर्मी से परेशानी हुई तो उन्हें ओआरएस के पैकेट दिए गए। जब पीने की बारी आई तो गिलास नहीं थे। मजबूरी में पेड़ की छांव का सहारा लिया। फिर मतदान किया और घर जाकर ओआरएस पी सके। जब यह सवाल कमिश्नर सौम्या अग्रवाल के सामने उठाया गया तो उन्होंने कहा कि अगर किसी बूथ पर कोई शिकायत है तो दिखवाते हैं, वैसे पेयजल का इंतजाम करने के निर्देश तो दिए गए थे। संवाद

दबतोरा बूथ पर धूप से बचाव को नहीं लगी राउटी।संवाद

दबतोरा बूथ पर धूप से बचाव को नहीं लगी राउटी।संवाद

दबतोरा बूथ पर धूप से बचाव को नहीं लगी राउटी।संवाद

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