बदायूं/ दबतोरी। लोकसभा चुनाव में सिस्टम की खामियों का खामियाजा मतदाता को भुगतना पड़ा। बिसौली, सहसवान, बिल्सी, बदायूं समेत कई स्थानों पर सूची में नाम नहीं होने से लोगों को मतदान से वंचित होना पड़ा। इससे जहां मत प्रतिशत प्रभावित हुआ। वहीं मतदाता भी आक्रोशित दिखे।
प्रशासन ने दावा किया था कि मतदाता सूची को संशोधित कर पुन: प्रकाशित कर दिया गया है, लेकिन सैकड़ों लोगों के नाम सूची में नहीं थे। वहीं जो लोग सालों पहले मर चुके हैं उनके नाम सूची में थे। इसको लेकर भी लोगों में आक्रोश दिखा।
बिसौली विधानसभा क्षेत्र के गांव बिजौरी में नीतू शर्मा गांव की प्रधान हैं। वह गांव में मतदाताओं को जागरूक करती आ रहीं थीं। लोगों से लगातार मत बनवाने की अपील कर रहीं थीं। मतदाता सूची में नाम न होने से वह और उनके 50 से अधिक समर्थक वोट नहीं डाल सके। शांति देवी, नीतू शर्मा ग्राम प्रधान, धर्म वीर, नेत्रपाल, अंजलि, साक्षी, दीपक, गौरी, अनिल, सुनील, हरिओम, लट्टू सिंह, सोनाली, रामजी मल , शीलेंद्र, निशांत, यशपाल, विनय, सौरभ, किरन, जगदीश आदि वंचित रह गए।
नगर पंचयात सैदुपर में मत प्रतिशत मात्र 32 प्रतिशत रहा। चेयरमैन इशरत अली खां ने बताया कि हर परिवार से दो से चार लोग ऐसे थे कि जिनका मतदाता सूची में नाम ही नहीं था। इस वजह से जो लोग वोट डालने को उत्सुक थे, वह मतदान ही नहीं कर सके।
यह हाल रहा शहर में
बदायूं शहर के छोटी सराय निवासी मोहम्मद परवेज ने बताया कि उनके पास मतदाता आधार कार्ड लेकर वोट डालने पहुंचे तो पता लगा कि मतदाता सूची में नाम गायब है। एक घंटे तक इस बीएलओ से उस बीएलओ के पास भटके पर नाम नहीं मिला।
बदायूं के नगर पालिका कन्या इंटर कॉलेज में मतदान के लिए पहुंचे मोहम्मद अजीज ने बताया कि उनके घर पर पर्ची नहीं पहुंची। यहां आए मतदाता पर्ची घंटे भर बाद तलाशने पर मिली। अगर समय पर मतदाता पर्ची पहुंचती तो मतदान इतना कम नहीं होता।
बदायूं शहर के जोगीपुरा बगिया निवासी जाहिद हुसैन ने बताया कि सुबह 10:00 बजे आए तो 11:30 तक उन्हें मतदाता सूची में नाम नहीं होने की जानकारी दी गई। पत्नी का नाम सूची में था पर उनका गायब था। इसलिए लौटना पड़ा।
मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के दावे हवा-हवाई हैं। इसलिए मतदाता सूची ठीक कराने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। यही वजह है कि मत प्रतिशत कम रहा।-नीतू शर्मा, ग्राम प्रधान, बिजौरी
वोटर लिस्ट में किसी की जाति बदल गई तो किसी का नाम रहा गायब
- मृत्यु के छह साल बाद भी नहीं कटा श्रीकृष्ण श्रीमाली का वोट
- सपा नेता रजनीश गुप्ता की पत्नी का भी बमुश्किल पड़ा वोट
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी। लोकसभा चुनाव की वोटर लिस्ट ने मंगलवार को कई मतदाताओं को परेशानी में डाल दिया। सपा नेता रजनीश गुप्ता की पत्नी पुष्पा गुप्ता की वोटर आईडी नंबर पर किसी और पुरुष वोटर का नाम निकला। इसी तरह भाजपा नेता शंकर गुप्ता की जाति ही बदल गई।
मृतक का वोट भी लिस्ट में बरकरार है। बांके बिहारी कॉलेज के प्रवक्ता श्रीनारायणगंज मोहल्ला निवासी नवीन कुमार ने बताया कि उनके पिता श्रीकृष्ण श्रीमाली का निधन हुए करीब छह साल हो चुके हैं। नगर पालिका परिषद से उनका मृत्यु प्रमाण पत्र भी उसी दौरान बनवा लिया गया था, लेकिन वोटर लिस्ट से उनका नाम अब तक नहीं कट पाया है।
स्टेशन रोड निवासी सपा नेता रजनीश गुप्ता के बेटे नितिन गुप्ता ने भी वोटर लिस्ट में खामियां उजागर कीं। बताया- उनकी मां पुष्पा गुप्ता के वोटर आईडी नंबर पर लिस्ट में किसी रवि पुत्र दीनानाथ का नाम दर्ज है। पुष्पा देवी की वोटर आईडी पीठासीन अधिकारी को दिखाई गई तो बमुश्किल उनका वोट पड़ पाया।
यही नहीं, लिस्ट में खामियों की शिकायत तो कई लोगों ने की। कुछेक मतदाताओं का जेंडर भी बदल दिया गया है। पुरानी अनाज मंडी निवासी भाजपा नेता शंकर गुप्ता का नाम लिस्ट में शंकर शाक्य दर्ज है। पिता का नाम जरूर ठीक निकला। भाजपा नेता का मामला तो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी वायरल हो रहा है। इसके अलावा कई लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं। साहूकारा मोहल्ले में बने वोट के आधार पर नागेंद्र ने निकाय चुनाव में किलाखेड़ा बूथ पर मतदान किया था। इसके बाद नागेंद्र के परिवार के तीनों नाम वोटर लिस्ट में डिलीटेड दर्ज हैं, जबकि दूसरे पते की लिस्ट में उनका नाम शामिल नहीं किया गया है।
जाहिद हुसैन ।
जाहिद हुसैन ।
जाहिद हुसैन ।