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Budaun News: अधूरी व गलत जानकारी पर मतदाताओं को नोटिस, पहुंचने लगे जनसुनवाई डेस्क पर

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नोटिस मिलने के बाद में अपना पक्ष रखने के लिए पहुंचा मतदाता। स्रोत स्वयं
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बदायूं। एसआईआर के तहत मतदाता सूची के सत्यापन के दौरान काफी मतदाताओं के फॉर्म में आवश्यक जानकारियां अधूरी या गलत भरे जाने का मामला सामने आया है। ऐसे मतदाताओं को जिला प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। जो अब संबंधित मतदाताओं तक पहुंचने लगे हैं। नोटिस मिलने के बाद मतदाता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बीएलओ से संपर्क करना शुरू कर रहे हैं।
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जिले की छह विधानसभा सीटों में एसआईआर अभियान से पहले कुल 24,18,408 मतदाता पंजीकृत थे। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 लाख 93 हजार मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिसके बाद अब जिले में 19,25,413 मतदाता शेष रह गए हैं। इनमें भी करीब 1 लाख 55 हजार मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने फॉर्म भरते समय या तो जानकारियां अधूरी छोड़ी हैं या फिर गलत विवरण दर्ज किया है।
सदर विधानसभा क्षेत्र में इस प्रकार के मतदाताओं की संख्या लगभग 17 हजार बताई जा रही है। प्रशासन की ओर से इन सभी को नोटिस भेजने का कार्य किया गया है। अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में मतदाताओं ने पता, आयु, फोटो या पहचान से संबंधित दस्तावेजों में त्रुटियां की हैं। जिसके कारण उनके नामों पर आपत्ति दर्ज हुई है। मतदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए शासन के निर्देश पर सदर विधानसभा क्षेत्र में 16 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) तैनात किए गए हैं।
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इसके अलावा तहसील सदर परिसर में जनसुनवाई डेस्क भी स्थापित की गई है। जहां मतदाता अपनी शिकायतें दर्ज कराकर उनका निस्तारण करा सकते हैं, हालांकि अभी जनसुनवाई डेस्क पर पहुंचने वाले मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। बीएलओ के अनुसार अभी जो आ रहे है वह केवल जानकारी लेने के लिए आ रहे हैं। जिला प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपने दस्तावेजों में सुधार कराकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करें, ताकि आगामी चुनावों में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


नोटिस मिलने के बाद साक्ष्य लेकर पहुंचे
बिसौली। विधानसभा के नो मैपिंग वाले मतदाताओं की दूसरे दिन भी सुनवाई की गई। इस दौरान मतदाताओं से वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग के लिए साक्ष्य मांगे गए। बृहस्पतिवार को तहसील सभागार में सीडीपीओ अल्पना जौहरी ने एसआईआर के नोटिस की सुनवाई की। मतदाताओं को वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट से मैपिंग के लिए साक्ष्य लेकर आना था। जो लोग साक्ष्य लेकर आए, उनकी तत्काल मैपिंग कर दी गई। जिनके पास साक्ष्य नहीं थे, उनको दूसरा मौका दिया गया है।
कुछ मतदाता नोटिस की तारीख होने के बाद भी सुनवाई के लिए नहीं पहुंचे। इस दौरान उर्मिला, रामनिवास, खुशबू शर्मा, मुनीश चंद्र, श्रेष्ठ कुमार शर्मा, राजवीर, तारावती, सुरेंद्र कुमार, अनुपम वार्ष्णेय, जुबैर, अंशु गुप्ता, अनंत पाल सिंह, सुमन देवी, निर्मला देवी, मुन्नी देवी, रजिया बी आदि ने 2003 की वोटर लिस्ट में शामिल अपने परिजनों के अभिलेख प्रस्तुत किए। सीडीपीओ अल्पना जौहरी ने स्पष्ट किया कि जो मतदाता नोटिस मिलने के बावजूद सुनवाई में उपस्थित नहीं होंगे। उनका नाम मतदाता सूची से काटा जा सकता है। संवाद
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