बदायूं। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी अब कृषि व शोध संस्थानों का भ्रमण करके उन्नत खेती की विधियों को सीखेंगे। इसके तहत उन्हें हाइड्रोपोनिक्स, ऑर्गेनिक फार्मिंग तथा ग्रीन हाउस फार्मिंग आदि का अवलोकन कराया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों को मॉडर्न खेती की तकनीक व पद्धतियों को देखने के लिए भेजा जाएगा। समग्र शिक्षा के तहत विद्यार्थियों को प्रदेश के कृषि से जुड़े शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों एवं उनके फार्मों के अलावा दूसरे राज्यों में स्थित राष्ट्रीय कृषि संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान उन्हें जलवायु परिवर्तन के साथ देश में खेती के बदलते पैटर्न की जानकारी दी जाएगी।
छात्र-छात्राएं इस दौरान उन्नत खेती के माध्यम से खाद्यान्न से लेकर फल-सब्जियों के उत्पादन में कीर्तिमान बनाने वाले काश्तकारों से भी मिलेंगे और उनसे बात कर उनकी सफलता का राज जानेंगे। डीआईओएस डॉ. लालजी यादव ने कहा कि कि इससे बच्चों में जलवायु परिवर्तन की वजह से कृषि क्षेत्र के सामने आ रही नई चुनौतियों के साथ कृषि क्षेत्र में हो रहे तेजी से परिवर्तन की जानकारी मिल सकेगी। कहा कि इससे उन्हें सीखने का नया अवसर प्राप्त होगा। बताया कि इसके लिए प्रति छात्र 500 रुपये व प्रदेश के बाहर के संस्थानों में भ्रमण के लिए प्रति छात्र 5000 रुपये स्वीकृत किया गया है। इसमें ट्रेन, बस से यात्रा, खान-पान व ठहरने में विद्यार्थियों को काफी मदद मिलेगी।