डीएम को ज्ञापन भेजकर प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई की मांग
सरौता ग्राम पंचायत का हिस्सा रखे जाने की मांग को लेकर जुटे डिलौर के ग्रामीणों ने परसीमन में मनमानी का मामला उठाया। बताया कि सरौता की आबादी कोई ज्यादा भी नहीं है। डिलौर आजादी के बाद से सरौता गांव का मजरा रहा है लेकिन नए परिसीमन के बाद उन्हें खजुरारा से जोड़ कर परेशानी में डाल दिया गया है। ग्रामीणों ने इसमें ब्लॉक कर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया। बोले-डिलौर को खजुरारा से जोड़े रखा गया तो विकास कार्य भी प्रभावित होगा।
गुस्साए ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए अफसरों के खिलाफ नारेबाजी भी की। ग्रामीण बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम लगाने के लिए निकले लेकिन पूर्व प्रधान देवेंद्र सिंह ने उन्हें समझा कर रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों में शफी अहमद, तसब्बर खां, ओमप्रकाश सिंह, सुघड़पाल, पुत्तू सिंह, भूरे सिंह, भृगपाल, कर्रु सिंह, नेत्रपाल, रामवीर सिंह, जुगेंद्र सिंह, सत्यपाल सिंह, सूरजपाल और मुकेश कुमार आदि शामिल थे।