बैंक से रुपये निकलवाने गए गांव के ही एक व्यक्ति ने एक लाख रुपये ऐंठ लिए। इतना ही नहीं गांव में रहते हुए ही चौड़ा होते हुए पैसे न देने की हुड़की भी देता है। जब पीड़ित लोगों के सामने बात छेड़ता है तो वह पैसे लेने से इंकार कर देता है। मंगलवार को पीड़ित ने इसकी शिकायत एसडीएम से की है। कहा कि वह पहले भी तीस हजार रुपये हड़प चुका है।
पलिया गूजर गांव निवासी पुत्तूलाल का भाई रुपराम चंड़ीगढ़ में मजदूरी करता था। मकान में लिंटर डालते हुए वह टूटकर गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई। मुआवजा बतौर उसके भाई पुत्तूलाल को पांच लाख की मदद राशि बैंक खाते के माध्यम से मिली। बताते हैं कि गांव का जानने वाला व्यक्ति पुत्तूलाल को रुपये निकलवाने बैंक पहुंचा। पुत्तूलाल का कहना है कि उसने भाई को बातों में बहलाकर दाएं-बाएं कर दिया। जबकि उसने एक लाख का बाउचर भरवाकर अंगूठे का निशान लगवाकर बैंक कैशियर को रुपये निकालने के लिए दे दिया। उस दौरान बैंक कैशियर ने पूछा भी आखिर इतना रुपये क्यों चाहिए? तो बताया कि वह अपनी बेटी की शिक्षा आदि के लिए ले रहा है। आरोप है कि रुपये निकलते ही, सभी रकम उस साथ में गए व्यक्ति ने ले ली और लेकर गायब हो गया। काफी ढूंढने के बाद भी नहीं मिला। जब गांव गए तो वह अपने घर पर था। जब उससे रुपये मांगे तो उसने पास होने से मना कर दिए और धमकी देकर भगा दिया। पुत्तूलाल ने गांव के ही रतनलाल पर आरोप लगाते हुए मंगलवार को इसकी शिकायत एसडीएम ओपी तिवारी से की है। कहा कि वह पहले भी उसके तीस हजार रुपये मार चुका है। कई बार मांगने के बाद भी नहीं दिए। उसने रुपये लौटाने के लिए गुहार लगाई है।