बदायूंं। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कु. अनीता-प्रथम की कोर्ट ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोपी गोलू उर्फ विजयपाल निवासी ग्राम सकरी कासिमपुर थाना कादरचौक को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने झूठी गवाही देने पर वादी मुकदमा के विरुद्ध धारा-22 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत वाद करने का आदेश दिया है।
कादरचौक थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि 12 मई 2024 को रात्रि 12 बजे उसकी 16 वर्षीय बहन घर के बाहर टॉयलेट करने गई थी। आरोप लगाया कि तभी गांव का ही गोलू जबरन उसकी बहन को पकड़कर अपने घर ले गया और दुष्कर्म किया। पीड़िता की चीख सुनकर वह मौके पर पहुंच गया। इस दौरान आरोपी अपने घर से निकलकर भाग गया।
पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद गोलू उर्फ विजयपाल के विरुद्ध दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की और अभियुक्त के विरुद्ध साक्ष्य एकत्र कर कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बयान दिया कि वह रात में अपने दूसरे घर में शौच करने गई थी, लेकिन घरवालों को लगा कि वह गोलू के पास गई है। कारण, इस घटना से पहले वह अपने परिजनों से गोलू से शादी करने की बात रख चुकी थी, लेकिन घरवालों ने मना कर दिया था। भाई ने अभियुक्त के विरुद्ध झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई।
वहीं वादी ने अपनी गवाही में बताया कि लगभग एक साल पहले वह मजदूरी करने बाहर गया था। मोहल्ले वालों ने फोन कर बताया कि बहन को गांव का ही गोलू अपने साथ ले गया है। जब वह वहां पहुंचा तो मोहल्ले वालों ने पहले से ही तहरीर लिखकर रखी हुई थी। मुझे बहकाकर उस पर हस्ताक्षर करा लिए। जब उसने इस संबंध में घर आकर बहन और अन्य परिजनों से पूछा तब सभी ने कहा, ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। काेर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाया।