मिशन इंद्रधनुष अंतर्गत पांच साल तक के बच्चों को मई, जून और जुलाई में लगाए जाएंगे टीके
मिशन इंद्रधनुष अंतर्गत पांच वर्ष तक के बच्चों को सात जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए मई, जून एवं जुलाई में टीकाकरण किया जाएगा। प्रभारी डीएम अच्छे लाल सिंह यादव ने सभी एमओआईसी को हिदायत दी कि मिशन इंद्रधनुष अंतर्गत चलाए जा रहे अभियान के दौरान नियमित टीकाकरण से वंचित कोई भी बच्चा सात बीमारियों से बचाव के लिए टीका लगने से छूटना नहीं चाहिए।
गुरुवार को विकास भवन स्थित सभाकक्ष में प्रभारी डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर माह अप्रैल में मिशन इंद्रधनुष के तहत किए गए टीकाकरण की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सा अधिकारियां के साथ कोई रियायत न बरती जाएगी। प्रभारी डीएम ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर, आशा तथा एएनएम की शिथिलता पाए जाने पर उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई होगी। माह मई में 8 से 18, जून और जुलाई में 7 से 17 के मध्य इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण किया जाएगा। यह टीके नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों को लगेंगे। जिसमें खसरा, काली खांसी, गला घोंटू, टिटनेस, टीबी, हेपीटाइटिस आदि बीमारियों से बचाव के लिए टीके लगाए जाएंगे। नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों के चिह्नांकन के लिए 24 से 28 अप्रैल तक सर्वे किया जाएगा।
बच्चों को बिना चिह्नित किए किया गया टीकाकरण
बदायूं। मिशन इंद्रधनुष अंतर्गत 10 से 20 अप्रैल के मध्य आयोजित चरण में बच्चों को चिह्नित किए बिना ही टीकाकरण किए जाने पर प्रभारी डीएम अच्छे लाल सिंह यादव ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एमओआईसी को चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार पुनरावृति हुई तो कार्रवाई की जाएगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एसएमओ डॉ. कुमार गुंजन ने प्रभारी डीएम को जानकारी दी कि बिना चिह्नांकन के टीकाकरण करने का नतीजा यह हुआ कि 36 प्रतिशत बच्चों को टीकाकरण किया ही नहीं गया। इसके परिणामस्वरूप टीकाकरण अंतर्गत प्रदेश स्तर पर जनपद इस माह 66वें स्थान पर पहुंच गया है। बिसौली तहसील में वैक्सीन को कोल्ड चेन बनाए रखने में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
30 अप्रैल के बाद एक्सपायर हो जाएगी डीपीडी वैक्सीन
बदायूं। विकास भवन में आयोजित बैठक में प्रभारी डीएम अच्छे लाल सिंह यादव के संज्ञान में लाया गया कि जिला स्तर पर 270 तथा जनपद की सभी पीएचसी एवं सीएचसी में लगभग 25 हजार डीपीडी वैक्सीन उपलब्ध हैं, जो यदि प्रयोग नहीं की गई तो 30 अप्रैल को एक्सपायर हो जाएंगी। प्रभारी डीएम ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि एक्सपायर डेट में मात्र 10 दिन ही शेष हैं, इसलिए उपलब्धता के आधार पर डीपीडी के टीके का अनिवार्य रूप से उपयोग करते हुए बच्चों को लगाया जाए, अन्यथा स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण लाखों रुपये का नुकसान हो गया तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।