-अफसरों पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप
-मंडी में सुविधाएं दुरस्त करने को की भी वकालत
कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में पहली बार गेहूं क्रय केंद्र नहीं खोले जाने से नाराज भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं का बृहस्पतिवार को गुस्सा फूट पड़ा। यूनियन के नेताओं ने मंडी गेट पर अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए धरना भी दिया।
नगर अध्यक्ष चंद्रमोहन वर्मा की अगुवाई में यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सुबह मंडी परिसर पहुंच कर सचिव क्षेत्रपाल सिंह से मुलाकात की। कार्यकर्ताओं ने परिसर में गेहूं क्रय नहीं होने के बारे में बात की। बातचीत के दौरान सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर गुस्साए कार्यकर्ताओं ने गेट पर प्रदर्शन और नारेबाजी। कहा-अफसरों ने मंडी को क्रय केंद्र से दूर रखकर किसानों को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। किसानों को सरकारी रेट से कम पर गेहूं बेचना पड़ रहा है। जबकि प्रदेश सरकार किसानों के हित की बात करके उन्हें फायदा पहुंचाने का दावा कर रही है।
यूनियन के नेताओं ने मंडी परिसर में शौचालयों की सफाई, किसान विश्राम गृह की रंगाई-पुताई, खराब पड़े इंडिया मार्का हैंडपंपों को ठीक कराने और किसानों को बैठने के लिए बेहतर व्यवस्थाएं कराने की भी वकालत की। कहा-मंडी अफसर कोशिश करें तो किसानों को सुविधा मिलने लगेगी। मंडी गेट पर यूनियन के नेताओं का धरना अपराह्न बाद तक चला। बाद में उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सचिव को सौंपकर कार्रवाई की मांग की। धरना-प्रदर्शन में आसिम उमर, दुर्वेंद्र चौहान, प्रेमराज, मटरूमल, शाकिर अंसारी, सत्यवीर सिंह, सेवाराम, वीरपाल सिंह, रजनेश कुमार और माखनलाल आदि शामिल थे।
किसानों को कछला-वितरोई पहुंचना मुश्किल
उझानी। गेहूं क्रय से जुड़ी एजेंसियों ने इस बार मंडी परिसर में क्रय केंद्र नहीं खोला है। इसके विपरीत कादरचौक, वितरोई, रिसौली और कछला में सेंटर खोल दिए गए हैं। नगर समेत आसपास इलाके के किसानों को वहां पहुंचाना इसलिए भी मुश्किल है कि 15-16 किलोमीटर दूर जाकर गेहूं बेचना घाटे का सौदा साबित हो रहा है।