बदायूं। पशुओं को खुरपका और मुंहपका जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण मार्च में होना है पर अब तक शासन से वैक्सीन की सप्लाई नहीं मिली है। इससे पहले नवंबर-दिसंबर में हुए टीकाकरण में जिले में 10 लाख से ज्यादा पशुओं को अधोमानक वैक्सीन लगा दी गई थी। अब जिले में पशुओं में संक्रामक बीमारियां फैलने की शिकायतें आने लगी हैं।
जिले को नवंबर-दिसंबर में 13.86 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य मिला था। खुरपका और मुंहपका में लगाई जाने वाली एफएमडी वैक्सीन 10.72 पशुओं को लगा दी गई। इसी दौरान केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला ने वैक्सीन की जांच में इसे अधोमानक पाया था। पहले तो सभी पशुओं का टीकाकरण नहीं हो सका और जिन पशुओं को टीका लगाया भी, उनको भी वैक्सीन का लाभ नहीं मिला। एफएमडी वैक्सीन का टीका साल में दो बार लगाया जाता है। अब मार्च-अप्रैल में टीकाकरण प्रस्तावित है। फरवरी में दो दिन ही शेष हैं लेकिन अब तक वैक्सीन नहीं मिली है। ऐसे में टीकाकरण में देरी की संभावना है। इधर, जिले में तमाम स्थानों से पशुओं में संक्रामक बीमारियों के फैलने की सूचनाएं आने लगी हैं। इस बीच पशु चिकित्सा विभाग की टीमें गांवों तक दौड़ लगा रही हैं।
जगत के गुरगांव में भी दर्जनों पशु बीमार, चार की मौत
गुलड़िया। जगत ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुरगांव में भी पशुओं में संक्रामक रोग फैल गए हैं। ग्राम पंचायत के मजरा अलीपुरा में पशुओं के बीमार होने की सूचना पर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नितिन कुमार ने टीम के साथ गांव पहुंचकर शनिवार को पशुओं की स्वास्थ्य जांच की और दवाएं दीं। ग्राम पंचायत में तीन दर्जन से ज्यादा पशु बीमार हैं। अलीपुर में पिछले चार दिन में चार पशुओं की मौत हो चुकी है। पशुओं के लगातार बीमार होने से पशुपालकों में चिंता है।
पशुओं के जहां से भी बीमार होने की सूचना मिल रही है वहां टीम को भेजा जा रहा है। मार्च में टीकाकरण प्रस्तावित है। स्थानीय स्तर पर इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। अभी शासन स्तर से वैक्सीन नहीं मिली है। वैक्सीन मिलते ही टीकाकरण शुरू करा दिया जाएगा। - डॉ. एके जादौन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी