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एक सप्ताह में 1250 बच्चों को लगा टीका, सोमवार से तेज होगी रफ्तार

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महिला अस्पताल स्थित केंद्र पर टीका लगवाता बालक। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। टीकाकरण शुरू हुए एक सप्ताह हो चुका है लेकिन फिलहाल रफ्तार धीमी है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सोमवार से टीकाकरण की रफ्तार में तेजी आएगी।
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जिले में 12 से 14 वर्ष तक के 1.32 लाख बच्चों को टीका लगाया जाना है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1.05 फीसदी बच्चों को ही टीका लगाया जा सका है। शहरी इलाकों में एक फीसदी और ग्रामीण इलाकों में .05 फीसदी बच्चों को ही टीका लगाया गया है। इसकी वजह केंद्रों की कम संख्या और स्टाफ का पोलियो अभियान में लगा होना है। लोगों में भारी उत्साह है, इससे सोमवार से हालात बदलना तय हैं।
जिले में बच्चों के टीकाकरण की औपचारिक शुरुआत 16 मार्च को दिल्ली पब्लिक स्कूल से हुई थी। पहले दिन 36 बच्चों को टीका लगाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों से 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों के आंकड़े जुटा लिए हैं, लेकिन अब तक स्कूलों में पूरी क्षमता के साथ टीकाकरण शुरू नहीं हो सका है।
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16 से 24 मार्च तक जिले में 1250 बच्चों को ही टीका लगाया जा सका है। प्रतिदिन टीकाकरण के औसत की बात करें तो यह मात्र 208 है। टीकाकरण को लेकर बच्चों में अभी उत्साह भी नहीं दिख रहा। अधिकारियों का कहना है कि पहले दिन के बाद होली और रविवार का अवकाश भी रहा। इसके अलावा पोलियो उन्मूलन अभियान के कारण इन दिनों टीकाकरण केंद्रों की संख्या भी कम रखी गई है। स्कूलों को पहले ही सूचित कर दिया गया है। काफी संख्या में स्कूलों ने 12 से 14 वर्ष तक के छात्र-छात्राओं का ब्योरा भी उपलब्ध करा दिया है।
जिन बच्चों को पहला टीका लग चुका है उनको 28 दिन बाद दूसरा टीका लगाया जाएगा। बच्चे दूसरे टीके को लेकर उत्साहित हैं। ऐसे अभिभावक जो दोनों टीके लगवा चुके हैं वह बच्चों के टीकाकरण को लेकर काफी जागरूक है। शहर की रहने वाली सरिता ने बताया कि उन्होंने और उनके पति ने पहले ही टीका लगवा लिया था। 15 साल के बेटे को और 13 साल की बेटी को भी पहला टीका लगवा दिया है।
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किशोर-किशोरियों में टीकाकरण को लेकर ज्यादा उत्साह
बदायूं। किशोर-किशोरियों के टीकाकरण के मामले में जिले में अच्छी प्रगति रही है। 15 से 18 वर्ष तक के 2.19 लाख किशोर-किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य मिला था। टीकाकरण तीन जनवरी से शुरू हुआ था। अब तक 2.14 लाख किशोर-किशोरियां टीका लगवा चुके हैं। दूसरा टीका लगवाने वालों की संख्या भी 73 हजार से ज्यादा है। शत प्रतिशत लक्ष्य को मार्च में ही पूरा किए जाने की बात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर रहे हैं।
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प्रतिदिन औसतन 208 बच्चों को ही लगाया जा रहा टीका
जिले में 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों को टीका लगाने को पहले दिन एक ही टीकाकरण केंद्र बनाया गया। 16 मार्च को एक टीकाकरण केंद्र पर 36 बच्चों ने टीका लगवाया था। इसके बाद होली और रविवार को अवकाश के कारण टीकाकरण नहीं हुआ। अब जिले में 17 केंद्रों पर टीकाकरण हो रहा है। कम संख्या में ही बच्चे टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। इसका एक कारण यह भी है कि टीकाकरण केंद्रों की संख्या कम है। इन दिनों स्कूलों में टीकाकरण केंद्र भी नहीं बनाए जा रहे।
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सोमवार से रफ्तार पकड़ेगा टीकाकरण अभियान
बच्चों का कोरोना टीकाकरण अभियान सोमवार से रफ्तार पकड़ेगा। दरअसल, इन दिनों पल्स पोलियो अभियान चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ पोलियो उन्मूलन अभियान में लगा होने के कारण टीकाकरण केंद्रों की संख्या कम कर दी गई है। रविवार को पोलियो उन्मूलन अभियान का समापन हो जाएगा। इसके बाद विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ होगा और कोरोना टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। स्कूलों में भी टीकाकरण केंद्र बनाए जाएंगे।
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टीकाकरण केंद्रों के बारे में प्रचार प्रसार की जरूरत
ज्यादातर बच्चों को टीकाकरण केंद्रों के बारे में पता ही नहीं है। बच्चे अभिभावकों के साथ टीकाकरण केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी अब तक इस तरह का कोई प्रबंध नहीं किया है कि प्रचार-प्रसार के जरिए अभिभावकों तक टीकाकरण केंद्रों की जानकारी पहुंचाई जा सके। टीकाकरण की रफ्तार कम होने का एक कारण यह भी है। गौर करने की बात यह है कि देहात क्षेत्र में शहरी इलाकों के मुकाबले कम संख्या में बच्चों को टीका लगाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ने के बाद टीकाकरण में तेजी जाएगी।
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अभिभावकों ने कहा-भ्रांतियां थीं जो दूर हो चुकीं
बच्चों के टीकाकरण के प्रति अभिभावकों को गंभीर होने की जरूरत है। टीकाकरण को लेकर कुछ भ्रांतियां थीं वह पहले ही दूर हो चुकी हैं। मैंने अपने बच्चों को टीका लगवाया है। दूसरे टीके का इंतजार है।
-रीता
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कोरोना के टीके से अब तक किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। यह बात सही है कि कुछ अभिभावक बच्चों को टीका लगवाने से बचने की कोशिश कर रहे हैं, यह ठीक नहीं है।
-चित्रा
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कोरोना की पहली और दूसरी लहर के बाद लोग तीसरी लहर भी देख चुके हैं। तीसरी लहर का असर इसी कारण नहीं हुआ क्योंकि बड़ों को टीके का सुरक्षा कवच दिया जा चुका था।
-सरिता
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मेरे पूरे परिवार ने कोरोना टीके को सुरक्षा कवच लिया है। बच्चों को भी टीका लगवाया है। बेहतर होगा कि कोई किसी तरह की भ्रांति में न आए। हालांकि, अब टीकाकरण को लेकर भ्रांतियां खत्म हो चुकी हैं।
-पूनम
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टीकाकरण को लेकर बच्चों में जबरदस्त उत्साह
कोरोना का टीका लगवाने के लिए मैं पहले दिन से ही उत्साहित था, लेकिन बाद में होली की छुट्टियां पड़ गईं। स्कूल में अभी टीकाकरण शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में मां के साथ जिला महिला अस्पताल में टीका लगवा लिया है।
-ओम
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आज ही कोरोना का पहला टीका लगवाया है। माता-पिता भी टीके को लेकर गंभीर थे। स्कूल में अभी टीकाकरण शुरू नहीं हुआ है। कल मालूम हुआ था कि महिला अस्पताल में टीकाकरण केंद्र चल रहा है। ऐसे में यहां टीका लगवाया।
-कन्हैया
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टीका लगवाने के बाद किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई। उत्साहित महसूस कर रही हूं। 28 दिन के बाद दूसरा टीका लगाया जाना है। संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि टीकाकरण केंद्रों की संख्या को बढ़ा दिया जाए।
-इना
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पिछले दिनों स्कूल में बताया गया था कि जल्द स्कूल में कैंप लगाकर टीकाकरण किया जाएगा, लेकिन किन्हीं कारणों से वहां कैंप नहीं लगाया जा सका है। बाद में पता लगा कि शहर में महिला अस्पताल में केंद्र है तो यहां टीका लगवा लिया।
-कृष्णा
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नामी स्कूलों ने कर रखी है तैयारी, कैंप शुरू होने का इंतजार
जिले भर के नामी स्कूलों ने 12 से 14 वर्ष तक के छात्र-छात्राओं का ब्योरा जुटा लिया है। यह ब्योरा स्वास्थ्य विभाग को भी उपलब्ध करा दिया है। टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने को स्वास्थ्य विभाग जिले भर के नामी स्कूलों में टीकाकरण केंद्र बनाने पर विचार कर रहा है। इसके लिए नामी स्कूलों ने तैयारी भी कर ली है। अब स्कूल प्रबंधन को अपने यहां टीकाकरण केंद्र शुरू होने का इंतजार है। स्कूल प्रबंधन ने छात्र-छात्राओं को भी टीकाकरण के बारे में सूचना दे दी है।
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इन दिनों पोलियो उन्मूलन अभियान चल रहा है। इसके चलते टीकाकरण केंद्रों की संख्या कम है। पोलियो अभियान खत्म होने के बाद टीकाकरण की रफ्तार बढ़ेगी। स्कूलों से 12 से 13 वर्ष तक के बच्चों का ब्योरा जुटा लिया गया है। सोमवार से पूरी क्षमता के साथ टीकाकरण शुरू किया जाएगा। प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
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