बदायूं। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं बुधवार 18 फरवरी से शुरू हो रहीं हैं। इन परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो, इसके लिए संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है।
जिले में इस वर्ष बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 98 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 67,945 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इनमें हाईस्कूल के 37,339 और इंटरमीडिएट के 30,576 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। परीक्षा दो पालियों में संपन्न कराई जाएगी।
बुधवार को पहली पाली में हाईस्कूल और दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की हिंदी विषय की परीक्षा होगी। यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के साथ-साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार सक्रिय हैं। परीक्षा के दौरान ऐसी कोई भी गतिविधि न हो, जिससे परीक्षा की शुचिता प्रभावित हो। इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सभी केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से पालन करें। सभी परीक्षा केंद्रों को ऑनलाइन किया गया है। इसके माध्यम से अधिकारी कंट्रोल रूम में बैठकर जिले के परीक्षा केंद्रों की निगरानी कर सकेंगे। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट की धीमी गति ऑनलाइन मॉनिटरिंग में बाधा बनती नजर आ रही है, फिर भी वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से निगरानी की जा रही है।
दो सुपर जोन, 10 जोन और 17 सेक्टर में बांटा गया जिला
बोर्ड परीक्षा के दौरान प्रभावी निगरानी के लिए जिले को दो सुपर जोन, 10 जोन और 17 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुपर जोन की जिम्मेदारी एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. वैभव शर्मा, एसपी देहात डॉ. ह्देश कटेरिया, एडीएम प्रशासन अरुण कुमार और एसपी सिटी व्रिजयेंद्र द्विवेदी को सौंपी गई है।
जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार पाल, एसडीएम सदर मोहित कुमार, तहसीलदार सदर दीपक कुमार, बिल्सी एसडीएम प्रेमपाल सिंह, बिल्सी तहसीलदार प्रभा सिंह, सहसवान एसडीएम श्रीसांई आश्रित शाखमुरी, बिसौली एसडीएम राशि कृष्णा, बिसौली तहसीलदार विजय कुमार, दातागंज एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह और दातागंज तहसीलदार रामचंद्र को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त 17 अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
10 परीक्षा केंद्र अति संवेदनशील, 30 संवेदनशील घोषित
जिले में बोर्ड परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो, इसके लिए सभी 98 परीक्षा केंद्रों की जांच कराई गई। जांच के बाद 10 परीक्षा केंद्रों को अति संवेदनशील और 30 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर पुलिस-प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके साथ ही यहां सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट भी नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
4,486 शिक्षक-शिक्षिकाएं कराएंगी परीक्षा
बोर्ड परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिले में कुल 4,486 शिक्षक-शिक्षिकाओं की ड्यूटी में लगाई गई है। इनमें माध्यमिक शिक्षा परिषद से 1,495 शिक्षक और 292 शिक्षिकाएं शामिल हैं। वहीं, बेसिक शिक्षा परिषद से 1,411 शिक्षक और 1,288 शिक्षिकाओं को परीक्षा संबंधी जिम्मेदारियां सौंपी गईं हैं। सभी शिक्षकों को समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने और बोर्ड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
छह सचल दल गठित, वरिष्ठ अधिकारी बनाए गए प्रभारी
परीक्षा के दौरान औचक निरीक्षण और निगरानी के लिए जिले में छह सचल दलों का गठन किया गया है। इन दलों की जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) लालजी यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) वीरेंद्र कुमार सिंह, डायट प्राचार्य राकेश कुमार, राजकीय हाईस्कूल सतेती के प्रधानाध्यापक सोनपाल सिंह, माध्यमिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी जैनिथ कांत और खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) प्रेम सुख गंगवार को सौंपी गई है। प्रत्येक सचल दल में प्रभारी सहित कुल पांच सदस्य शामिल हैं। ये दल परीक्षा के दौरान लगातार सक्रिय रहेंगे और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को देंगे।
आधा घंटा पहले केंद्र पहुंचेंगे कक्ष निरीक्षक
डीआईओएस ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले सभी कक्ष निरीक्षक केंद्र पर अवश्य पहुंच जाएं। परीक्षार्थियों के आने के बाद उत्तर पुस्तिकाएं 15 मिनट पहले वितरित की जाएंगी, ताकि छात्र-छात्राएं आराम से उत्तर पुस्तिका पर अपना विवरण भर सकें और उन्हें परीक्षा के लिए पूरा समय मिल सके।
जीआईसी में बनाया गया है मॉनिटरिंग सेल
यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी के लिए राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में मॉनिटरिंग सेल बनाया गया है। यहां से जिले के सभी केंद्रों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी। वहीं, सचल दलों द्वारा प्राप्त जानकारी डीआईओएस कार्यालय में बने कंट्रोल रूम को दी जाएगी। डीआईओएस कार्यालय में कंट्रोल रूम दो शिफ्टों में संचालित होगा। पहली शिफ्ट की जिम्मेदारी नूतन रानी और दूसरी शिफ्ट की जिम्मेदारी मधुलिका को सौंपी गई है।
परीक्षा से पहले जांचें जाएं सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डर
बोर्ड परीक्षा के दौरान कक्षों में होने वाली गतिविधियों और आवाज पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि दोनों पालियों में परीक्षा शुरू होने से पहले सभी कक्षों में लगे सीसी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर की जांच करें। यदि कहीं उपकरण खराब पाए जाते हैं तो परीक्षा शुरू होने से पहले उन्हें दुरुस्त कराया जाएगा।
जूते-मोजे पहनकर परीक्षा देने की अनुमति
जिले में होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों को जूते-मोजे पहनकर परीक्षा देने की अनुमति दी गई है। किसी भी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों के जूते-मोजे उतरवाकर परीक्षा नहीं कराई जाएगी। साथ ही, बालिका परीक्षार्थियों की तलाशी पुरुष कर्मचारियों द्वारा नहीं ली जाएगी। इसको लेकर सभी केंद्रों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
बोर्ड परीक्षा को लेकर जिले में सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। कहीं भी किसी प्रकार की कमी नहीं है। छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने में कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। सभी परीक्षार्थी समय का ध्यान रखें और समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। – लालजी यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक
यूपी बोर्ड परीक्षा कराने के लिए सीटिंग प्लान तैयार किया गया है। संवाद