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यूपी बोर्ड पेपर लीक मामला: लाल टेप से चिपका मिला अंग्रेजी प्रश्नपत्र का पैकेट, गोपनीय कक्ष में नहीं जा सकता मोबाइल फिर कैसे वायरल हुई फोटो

Wed, 13 Apr 2022 08:56 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं

सार

आमतौर पर पहले प्रश्नपत्रों के पैकेट पूरे सील मिलते रहे थे। इसीलिए इन्होंने समझा कि यह पैकेट शायद उन्हें गलत दे दिया गया या फिर किसी ने खोलकर उसे दोबारा चिपका दिया। जबकि सच्चाई यह थी कि सभी विद्यालयों को इसी तरह के टेप लगे लिफाफे भेजे गए थे। इसी गफलत में इन्होंने अधिकारियों को कॉल कर डाली और उनके आने से पहले सील पैकेट का फोटो विभागीय ग्रुपों में वायरल कर दिया।
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भगवान किशोर और राहुल कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं के भटपुरा के परीक्षा केंद्र पर हुई मामूली गफलत को फोटो वायरल कर तूल देने के मामले में केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट हटा दिए गए। शुरुआती लापरवाही और फिर पैकेट पर लाल टेप चिपका देखकर उन्हें पेपर लीक होने का अहसास हुआ और अफसरों को कॉल करने के बाद जोश में इन्होंने विभागीय ग्रुपों में पैकेट का फोटो भी डाल दिया। प्राथमिक कार्रवाई आगे विभागीय कार्रवाई में बदलने के आसार हैं।

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बिसौली के भटपुरा स्थित रामेश्वर प्रसाद इंटर कॉलेज में आसफपुर के त्रिवेणी सहाय इंटर कॉलेज में तैनात सहायक अध्यापक राहुल कुमार को केंद्र व्यवस्थापक और आसफपुर में तैनात सहायक विकास अधिकारी पंचायत भगवान किशोर को स्टेटिक मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया था।

सोमवार शाम डीआईओएस की टीम ने सभी परीक्षा केंद्रों पर जाकर प्रश्नपत्र बांटे थे। बताते हैं कि इन दोनों ने उस समय जल्दबाजी में प्रश्नपत्र का पैकेट लेकर उसे लॉकर में रखवा दिया और उस पर ज्यादा गौर ही नहीं दिया।

गफलत में वायरल की फोटो

टीम के जाने के करीब घंटा भर बाद इन लोगों ने पैकेट देखा तो उस पर लाल रंग का टेप चस्पा था। आमतौर पर पहले प्रश्नपत्रों के पैकेट पूरे सील मिलते रहे थे। इसीलिए इन्होंने समझा कि यह पैकेट शायद उन्हें गलत दे दिया गया या फिर किसी ने खोलकर उसे दोबारा चिपका दिया। जबकि सच्चाई यह थी कि सभी विद्यालयों को इसी तरह के टेप लगे लिफाफे भेजे गए थे।

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इसी गफलत में इन्होंने अधिकारियों को कॉल कर डाली और उनके आने से पहले सील पैकेट का फोटो विभागीय ग्रुपों में वायरल कर दिया। ऐसा करके शायद यह साबित करने का प्रयास किया कि उन्होंने बड़ी खामी पकड़ ली।

प्रश्नपत्र के पैकेट का फोटो वायरल करने पर ही दोनों को केंद्र से हटा दिया गया। अधिकारियों ने इस बात को ज्यादा खराब माना कि लॉक रूम में मोबाइल कैसे पहुंच गया या फिर पैकेट को बाहर निकालकर फोटो क्यों किया गया।अब दोनों पर अलग से विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

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इन्हें दी नई जिम्मेदारी

भटपुरा के इस विद्यालय में केंद्र व्यवस्थापक के तौर पर राजकीय हाईस्कूल कादरबाड़ी के प्रधानाचार्य जेपीएस चौहान और नलकूप प्रथम में तैनात अवर अभियंता सत्यपाल सिंह को स्टेटिक मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी है। दोनों ने कॉलेज में पहुंचकर तैनाती लेली है। डीआईओएस ने बताया कि स्टेटिक मजिस्ट्रेट भगवान किशोर के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीडीओ ने पत्राचार किया है। साथ ही केंद्र व्यवस्थापक राहुल कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

केंद्र व्यवस्थापक हो चुकी हैं निलंबित

30 मार्च को बलिया में अंग्रेजी का पेपर लीक होने के बाद जिले में भी अधिकारियों ने केंद्रों पर सख्ती से निरीक्षण करना शुरू कर दिया। ऐसे में एक अप्रैल को अधिकारियों को जांच के दौरान शहर के पार्वती आर्य कन्या संस्कृत इंटर कॉलेज में अंग्रेजी विषय के पेपर के बंडल की सील दुरुस्त नहीं मिली। इसमें केंद्र व्यस्वथापक अमिता आलोक की कमी मानते हुए उन्हें तुरंत हटा दिया था। बाद में उनको निलंबित भी कर दिया गया।

जिले में पकड़े जा चुके हैं तीन मुन्नाभाई

जिले में नकल माफिया सक्रिय हो गए हैं। ये ही वजह है कि इस साल परीक्षा के दौरान तीन मुन्नाभाई असली परीक्षार्थी की जगह परीक्षा देते हुए पकड़े जा चुके हैं। इसमें 28 मार्च को बिसौली के परवेजनगर के आरडीएमआर इंटर में दो मुन्नाभाई पकड़े गए। वहीं नौ अप्रैल को इस्लामनगर के केएम इंटर कॉलेज में भी एक मुन्नाभाई पकड़ा गया था।

आज हुई इंटर के अंग्रेजी विषय की परीक्षा

बदायूं में इंटरमीडिएट के अंग्रेजी विषय की परीक्षा बुधवार को पहली पाली में हुई। डीआईओएस डॉ. प्रवेश कुमार ने बताया कि 30 मार्च को होने वाले अंग्रेजी विषय का पेपर लीक होने की वजह से इसे रद्द कर दिया गया था। ऐसे में अब यह प्रश्नपत्र 13 अप्रैल को सुबह पहली पाली में आठ बजे से सवा 11 बजे तक हुई। यह प्रश्नपत्र जिले के 98 केंद्रों पर हुई। ऐसे में सभी परीक्षार्थी समय से केंद्रों पर पहुंचे। वहीं शिक्षकों को निर्देशित किया था कि सभी परीक्षार्थियों की गहनता से जांच की जाए, उसके बाद उन्हें कक्ष के अंदर जाने दिया जाए।
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