बदायूं। कोरोना काल की वजह से यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच टुकड़ों में हो सकी थी, जिसके बाद में बोर्ड की तरफ से केवल नंबर लेकर रिजल्ट जारी कर दिया गया था, लेकिन जनपद से आज तक उत्तर पुस्तिकाओं को बोर्ड कार्यालय ने वापस नहीं मंगाया गया है, ऐसे में यह उत्तर पुस्तिकाएं अभी तक जनपद के विभिन्न स्कूलों में रखी हुई हैं।
शासन की मंशा थी कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 16 मार्च से शुरू करके 25 मार्च तक समाप्त कर दे, ताकि इस बार यूपी बोर्ड का रिजल्ट समय से पहले ही घोषित किया जा सके और छात्र-छात्राओं को अगले वर्ष की कक्षाओं की तैयारियों को करने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, लेकिन कोरोना काल की वजह से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन समय से नहीं हो सका था। क्योंकि कोविड-19 की वजह से शिक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से इंकार कर दिया था। बाद में सुरक्षा व्यवस्था के साथ में दोबारा से जनपद में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन मई में पूरा किया गया। तब से लेकर आज तक स्कूल के कोठार में ही ये उत्तर पुस्तिकाएं रखी हुई हैं। इसको लेकर स्कूल स्टाफ की जिम्मेदारी ज्यादा है। इसलिए स्कूल स्टाफ परेशान भी है। इस संबंध में डीआईओएस राममूरत ने बताया कि शासन की तरफ से अभी तक कोई निर्देश उत्तर पुस्तिकाओं को वापस मंगाने के लिए नहीं आया है। जैसे ही आएगा, वैसे ही उत्तर पुस्तिकाओं को वापस भेज दिया जाएगा।