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छह सड़का से प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण तो चौड़ा दिखने लगा चौराहा

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बदायूं। शहर की सड़कों पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है, जिसकी वजह से सड़कों पर अधिकतर जाम की स्थिति बनी रहती है। इस वजह से राहगीरों के साथ-साथ व्यापारियों को भी परेशानी होती है। कहीं अस्थायी अतिक्रमण परेशानी का कारण है तो कहीं स्थायी अतिक्रमण कर सड़कें कब्जा ली गई हैं। जिला प्रशासन द्वारा चौराहों के चौड़ीकरण का अभियान स्थायी अतिक्रमण ध्वस्त करके किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को छह सड़का पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इसके तहत दुकानों के आगे किए गए स्थायी अतिक्रमण को जेसीबी की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान दुकानदारों में हड़कंप की स्थिति रही।
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शहर की सड़कें अतिक्रमण के कारण काफी संकरी हो चुकी हैं। दुकानों के आगे जहां अस्थायी अतिक्रमण समस्या है वहीं दुकानदारों ने भी स्थायी अतिक्रमण करके समस्या को और बढ़ा दिया है। जिला प्रशासन की तरफ से जून में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया गया था। अभियान के दौरान शुरुआत में कुछ व्यापारियों ने विरोध किया था, लेकिन जिला प्रशासन के आगे उनकी एक न चली। एक-एक करके अतिक्रमण हटाया जाने लगा। लावेला चौक के बाद गद्दीचौक और जालंधरी सराय पर किया गया स्थायी अतिक्रमण तोड़ दिया गया।
रविवार को सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार और सीओ सिटी विनय कुमार द्विवेदी की अगुवाई में छह सड़का पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया। सुबह दस बजे नगर पालिका की टीम जेसीबी के साथ छह सड़का पर पहुंच गई। टीम को देखकर कुछ लोगों ने अपने-आप ही अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अधिकारियों के पहुंचते ही टीम के सदस्यों ने जेसीबी के माध्यम से अतिक्रमण को ढहाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते चौराहों पर जिन व्यापारियों ने कब्जा कर लिया था, उसे तोड़ दिया गया। इससे वहां हड़कंप की स्थिति रही।
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पालिका की टीम शाम तक हटाती रही मलबा, लोगों ने खुद भी हटाया
-अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान छह सड़का पर काफी मलबा फैल गया था। अभियान खत्म होने के बाद में पालिका के कर्मचारी उसको हटाने में लग गए। दुकानदारों ने खुद भी मलबा हटाया। रात तक यहां कोतवाली पुलिस तैनात रही। रात में भी मलबा हटाने का क्रम चलता रहा।
अल्टीमेटम के बाद भी नहीं हटाया था सामान
- शनिवार दोपहर में सिटी मजिस्ट्रेट ने पालिकाध्यक्ष के साथ में छह सड़का पर दुकानदारों को अतिक्रमण के खिलाफ चलने वाले अभियान के बारे में बताया था, लेकिन उसके बावजूद एक भी व्यापारी ने अपनी दुकान को खाली नहीं किया। ऐसे में सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर पालिका कर्मचारियों ने व्यापारी की दुकान को खाली कराया। उसके बाद में उसे तोड़ा गया। काफी समय पहले दुकानदारों को अपना अतिक्रमण खुद तोड़ने को कहा गया था, लेकिन दुकानदारों ने कुछ निर्माण तोड़कर खानापूरी कर ली थी।
रास्ते कर दिए ब्लॉक
-अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान भीड़ न लगे। इसको लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर छह सड़का को आने वाली सभी सड़कों को ब्लॉक कर दिया गया। ऐसे में कुछ लोगों ने छह सड़का की ओर से निकलने का प्रयास किया, तो पुलिस और पीएसी ने उन्हें वापस कर दिया। इस दौरान सभी सड़कों पर बैरियर लगा दिए गए थे।
छतों से देखते रहे दुकानों के टूटने का नजारा
- छह सड़का पर जब पालिका की टीम और पुलिस व पीएसी पहुंची, तो आसपास के लोग घर के बाहर निकल आए। जिनको पुलिस और पीएसी ने वापस घर में भेज दिया। इसके बाद अधिकांश लोग अपने -आसपास के घरों, दुकानों की छतों चढ़ गए और दुकानों को टूटते हुए देखा। देर शाम तक चौराहे तथा आसपास के इलाकों में इस बात को लेकर चर्चा होती रही।
...अभी तो और भी बाकी हैं चौराहे
- अतिक्रमण की समस्या से शहर का कोई भी चौराहा अछूता नहीं है। दुकानदारों ने अपनी दुकानें बढ़ाकर बनवा ली हैं तो वहीं दुकानों के आगे बने नालों पर स्लैब डाल लिए गए हैं। शहर के सुभाष चौक, हलवाई चौक, टिकटगंज, बाबूराम मार्केट आदि जगहों अतिक्रमण का यही हाल है। चौराहे संकुचित होने के कारण यहां अक्सर जाम की समस्या रहती है। हालांकि प्रशासन की नजर इसके बाद बाबूराम मार्केट वाली सड़क पर है, लेकिन इसके बाद भी अन्य चौराहों पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की प्रशासन की मंशा है।
कोरोना काल में दुकानों में तोड़फोड़ नाइंसाफी: आबिद
- पूर्व विधायक आबिद रजा ने कोरोना काल में छह सड़का पर प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई को दुकानदारों के साथ नाइंसाफी बताया है। एक बयान जारी करके उन्होंने कहा है कि एक तो वैसे ही कोरोना के कारण व्यापारी वर्ग पहले से त्रस्त है। अब कुछ दिन बाद दीपावली का त्योहार भी है। ऐसे में प्रशासन को इस समय ये कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी।
घंटाघर पर बनीं कुछ दुकानें भी अवैध
- शहर में प्रशासन की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। घंटाघर पर भी कुछ दुकानें हैं जो वक्फ की संपत्ति बताई जाती हैं। इनका किराया भी दुकानदार वक्फ के किसी व्यक्ति के पास जमा करते हैं लेकिन चर्चा है कि जिन दुकानों को वक्फ की बताकर उनसे किराया वसूला जा रहा है उनके नंबर किसी और भूमि पर दर्ज हैं। ऐसे में आने वाले समय में प्रशासन की नजर इस पर भी पड़ सकती है। प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि इन पर भी जल्द कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
- छह सड़का के दुकानदारों को काफी समय पहले नोटिस दिया गया था। शनिवार को भी इसके बारे में जानकारी दी थी, लेकिन लोगों ने खुद अतिक्रमण नहीं हटाया। ऐसे में उनको रविवार को जेसीबी की मदद से तोड़ दिया गया है।
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-अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
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