बदायूं। करीब छह साल पुराने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में चाचा-भतीजे को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। दो अन्य सह आरोपियों को मारपीट के मामले में एक-एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। सजा का यह आदेश स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट डॉ. मोहम्मद इलियास ने किया है।
इस्लामनगर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 27 जून, 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी नाबालिग पुत्री खेत पर फसल की रखवाली कर रही थी। तभी इस्लामनगर क्षेत्र के गांव किसैरा इब्दुल्लानगर निवासी राजेंद्र पुत्र दोधराज और उसके भतीजे धर्मवीर ने खेत पर आकर उसे दबोच लिया। शोर होने पर दोनों मौके से भाग गए।
पीड़िता किशोरी ने घर आकर सारी बात बताई। घटना की शिकायत करने जब किशोरी का पिता और उसका लड़का आरोपियों के घर गए तो राजेंद्र व महेंद्र पुत्रगण दोधराज, नवाब व धर्मवीर पुत्रगण महेंद्र ने उनको मारा-पीटा। पुलिस ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
स्पेशल जज डॉ. मोहम्मद इलियास ने अभियोजन की ओर से प्रदीप भारती, सीपी सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद राजेंद्र और धर्मवीर को दुष्कर्म के मामले में 10-10 साल के कठोर कारावास तथा पिता-पुत्र महेंद्र और नवाब को मारपीट के मामले में एक-एक साल की सजा सुनाई है।